वाराणसी में 15 दिन बाद एक्टिव हुआ मानसून:10-11 जुलाई को भारी वर्षा का अलर्ट;48 घंटे में 66MM हुई बारिश
वााणसी में मंगलवार सुबह से चमक-गरज के साथ लगातार बारिश का दौर जारी है। सुबह से हो रही वर्षा के कारण शहर का मौसम पूरी तरह बदल गया है। तापमान घटकर 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जबकि 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। बारिश और ठंडी हवाओं से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 9 से 12 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। विशेष रूप से 10 और 11 जुलाई को वाराणसी सहित आसपास के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। पिछले 48 घंटे में 66 मिमी से अधिक बारिश मौसम विभाग के अनुसार वाराणसी में पिछले 24 घंटे में 34 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि पिछले 48 घंटे में 66 मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। तेज हवा, बिजली की चमक और गरज के साथ हुई बारिश से अधिकतम तापमान में करीब 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन का असर मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन (गहरे अवदाब) के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। यह प्रणाली बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रही है, जिसके चलते अगले तीन से चार दिनों तक रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना है।उन्होंने बताया कि डीप डिप्रेशन कम दबाव वाले क्षेत्र के अधिक मजबूत होने पर बनता है, जिससे बड़ी मात्रा में नमी और बादल सक्रिय हो जाते हैं और व्यापक वर्षा होती है। 15 दिन देरी से पहुंचे मानसून ने बदली तस्वीर इस वर्ष मानसून लगभग 15 दिन की देरी से पूर्वांचल पहुंचा, लेकिन अब इसकी सक्रियता बढ़ने से किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। लगातार वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी बन गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई तेज हो गई है। धान की खेती को मिला संजीवनी बारिश का सबसे अधिक लाभ धान की खेती को मिला है। वाराणसी, चोलापुर, सेवापुरी, पिंडरा, हरहुआ, बड़ागांव, आराजीलाइन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अब तेजी से धान की रोपाई में जुट गए हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे धान की रोपाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। जिन किसानों ने पहले धान की नर्सरी तैयार कर ली थी, वे अब बड़े पैमाने पर रोपाई शुरू कर चुके हैं। जिन क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण रोपाई रुकी हुई थी, वहां भी अब काम तेजी पकड़ रहा है।
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