लुधियाना में बैंस-कड़वल हुए फिर से एक:गुरुद्वारा आलमगीर साहिब में टेका माथा,बोले-दरबार साहिब के समक्ष मतभेद हुए दूर

लुधियाना में बैंस-कड़वल हुए फिर से एक:गुरुद्वारा आलमगीर साहिब में टेका माथा,बोले-दरबार साहिब के समक्ष मतभेद हुए दूर




लुधियाना में आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और कांग्रेस नेता कमलजीत सिंह कड़वल के बीच लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक विवाद आखिरकार खत्म हो गया। आज दोनों नेता फिर से एक हो गए। दोनों नेता आज शुक्रवार को गुरुद्वारा श्री आलमगीर साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने माथा टेका और एक-दूसरे को गले लगाकर अपने मतभेद समाप्त करने का ऐलान किया। दोनों नेताओं ने कहा कि श्री दरबार साहिब के समक्ष उन्होंने अपने सभी गिले-शिकवे भुलाकर एकजुट होकर जनता की सेवा करने का फैसला लिया है। करीब डेढ़-दो साल से चल रहा था विवाद राजनीतिक हलकों के अनुसार, सिमरजीत सिंह बैंस और कमलजीत कड़वल के बीच लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान मतभेद खुलकर सामने आए थे। उस समय उम्मीदवार के समर्थन, चुनावी रणनीति और संगठनात्मक फैसलों को लेकर दोनों नेताओं के बीच दूरी बढ़ गई थी। इसके बाद कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी दोनों अलग-अलग नजर आए और समर्थकों के बीच भी खींचतान बनी रही। यह विवाद करीब डेढ़ से दो वर्ष तक जारी रहा। एक-दूसरे पर लगाए थे आरोप
दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच भी बयानबाजी हुई थी। संगठन के भीतर वर्चस्व और स्थानीय राजनीतिक फैसलों को लेकर मतभेद सामने आए थे। हालांकि, दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ कोई बड़ा कानूनी विवाद नहीं किया, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों में अलगाव साफ दिखाई देता रहा। गुरुद्वारा आलमगीर साहिब में दिखाई एकजुटता
शुक्रवार को दोनों नेता गुरुद्वारा श्री आलमगीर साहिब पहुंचे और माथा टेककर अरदास की। इसके बाद उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि धार्मिक स्थल पर उन्होंने सभी मतभेद समाप्त कर दिए हैं और अब भविष्य में मिलकर कांग्रेस संगठन को मजबूत करने तथा जनता के मुद्दों पर काम करेंगे। दोनों नेताओं ने कहा कि व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर समाज और पार्टी हित में साथ चलना समय की जरूरत है। उन्होंने अपने समर्थकों से भी आपसी भाईचारा बनाए रखने और किसी प्रकार की बयानबाजी से बचने की अपील की। सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि आज गुरुद्वारा साहिब में बने श्री दरबार साहिब में कमलजीत के साथ उन्होंने माथा टेका है। जो कुछ शब्द थे दोनों ने एक साथ वहां रखे और अब दोनों के गिले शिकवे दूर हो चुके है। जल्द ही वह इक्ट्ठे मीडिया के समक्ष आएंगे। कांग्रेस को मिल सकता है राजनीतिक फायदा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लुधियाना में कांग्रेस के दो प्रभावशाली नेताओं का साथ आना पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। नगर निगम चुनाव और भविष्य के राजनीतिक कार्यक्रमों को देखते हुए यह एकजुटता कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती में मददगार साबित हो सकती है।



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