तिकुनिया हिंसा कांड में 64वें गवाह की गवाही पूरी:तत्कालीन यात्री और मालकर अधिकारी से बचाव पक्ष ने की जिरह; पूर्व CO के खिलाफ गैर-जमानती वारंट
लखीमपुर खीरी में बहुचर्चित तिकुनिया हिंसा कांड में बुधवार को जिला जज शिव कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने तत्कालीन यात्री एवं मालकर अधिकारी श्रीराम कश्यप को 64वें गवाह के रूप में पेश किया। उनकी गवाही पूरी होने के बाद बचाव पक्ष ने भी उनसे जिरह पूरी कर ली। अदालत में बयान के दौरान श्रीराम कश्यप ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल पर जाकर वाहनों के नंबर और चेसिस नंबर का मिलान नहीं किया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसआईटी के समक्ष उन्होंने कोई बयान दर्ज नहीं कराया था। गवाही के बाद बचाव पक्ष की ओर से उनसे जिरह की गई, जो बुधवार को पूरी हो गई। कोर्ट में नहीं पहुंचे तत्कालीन CO, NBW जारी इसी मामले में गवाही के लिए सम्मन जारी होने के बावजूद तत्कालीन सीओ मितौली संदीप सिंह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इस पर जिला जज ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करने का आदेश दिया। वहीं, तत्कालीन एसडीएम दिग्विजय सिंह को भी गुरुवार को गवाही के लिए सम्मन जारी किया गया है। 3 अक्टूबर 2021 को हुई थी हिंसा अभियोजन पक्ष के प्रभारी डीजीसी प्रभाकर ब्रह्म मिश्र के अनुसार, 3 अक्टूबर 2021 को तिकुनियां थाना क्षेत्र में हुई हिंसा में चार किसानों और दो भाजपा कार्यकर्ताओं समेत कुल आठ लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। मुख्य मुकदमे में 13 आरोपी चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या से संबंधित मुख्य मुकदमे में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपी हैं। अभियोजन पक्ष अब तक 63 गवाहों के बयान दर्ज करा चुका है। बुधवार को 64वें गवाह श्रीराम कश्यप की गवाही और बचाव पक्ष की जिरह पूरी हुई। मामले में अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।
Source link

