मंडी में 60 अधिकारियों-कर्मचारियों को दी HRD ट्रेनिंग:टीमवर्क और तनाव प्रबंधन पर जोर; टीमवर्क के व्यावहारिक तरीके सिखाए

मंडी में 60 अधिकारियों-कर्मचारियों को दी HRD ट्रेनिंग:टीमवर्क और तनाव प्रबंधन पर जोर; टीमवर्क के व्यावहारिक तरीके सिखाए




हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना की जिला परियोजना प्रबंधन इकाई ने मंडी में अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए एक दिवसीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इसमें जिले भर की विभिन्न खंड परियोजना प्रबंधन इकाइयों से लगभग 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस टीम निर्माण, नेतृत्व क्षमता और तनाव प्रबंधन जैसे विषयों पर रहा।शिमला से आए प्रसिद्ध सॉफ्ट स्किल एवं बिहेवियरल ट्रेनर मनु भारद्वाज ने मुख्य रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया। प्रभावी टीम लीडर बनने के सिखाए गुर उन्होंने संवादात्मक तरीके से कार्यस्थल पर मानसिक तनाव से निपटने, सहकर्मियों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने और प्रभावी टीम लीडर बनने के व्यावहारिक गुर सिखाए। मनु भारद्वाज ने बताया कि कार्यस्थल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और टीम के सदस्यों के बीच आपसी सामंजस्य अत्यंत आवश्यक है। परियोजना प्रबंधक ने किया शुभारंभ उन्होंने जोर दिया कि सही रणनीति और तनाव प्रबंधन के प्रभावी तरीकों को अपनाकर कार्यक्षमता और उत्पादकता में सुधार किया जा सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. हेमराज वर्मा की अध्यक्षता में हुआ, जो कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भी थे। मंडी के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. खूब राम सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विभिन्न खंडों के अधिकारियों का योगदान अधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों के व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ संस्थान के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभिन्न खंडों के अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। सीख को कार्यक्षेत्र में लागू करने की दिलाई शपथ इनमें मंडी के खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. राजेश कुमार, कुल्लू के खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. जयंत रतना और सरकाघाट के खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. अश्वनी कुमार शामिल थे।प्रशिक्षण के समापन पर, प्रतिभागियों को शिविर में मिली सीख को अपने दैनिक कार्यक्षेत्र में लागू करने की शपथ दिलाई गई। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को कार्यशैली में सुधार और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक उपयोगी पहल बताया।



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