दतिया में बारिश बनी आफत:पहूज नदी का रपटा डूबा, स्कूलों में छुट्टी, भांडेर-मोठ मार्ग बंद; बेतवा किनारे अलर्ट
दतिया जिले में बुधवार से शुरू हुआ बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। दिनभर बारिश के बाद रात में रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही, जबकि गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। लगातार बारिश के कारण नदियों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। पहूज नदी का जलस्तर बढ़ा, रपटा पुल डूबा पहूज नदी में पानी बढ़ने से रपटा पुल डूब गया। इसके चलते भांडेर-मोठ मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। वहीं, माताटीला डैम के 20 गेट खोले जाने के बाद बेतवा नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। स्थिति को देखते हुए बसई क्षेत्र के कुछ ग्रामीण इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। स्कूलों में अवकाश, कच्चे मकानों को नुकसान लगातार बारिश को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने गुरुवार को जिले के स्कूलों में अवकाश घोषित किया। इस बीच शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों के गिरने की सूचनाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, इन घटनाओं में जनहानि की फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। मुक्तिधाम नहीं था, सिंध नदी में करना पड़ा दाह-संस्कार ग्राम टोडा पहाड़ में बारिश के बीच एक संवेदनशील मामला सामने आया। गांव की बुजुर्ग महिला पुख्खी बाई की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों के सामने परेशानी खड़ी हो गई। गांव में मुक्तिधाम की व्यवस्था नहीं होने और लगातार बारिश के कारण अंतिम संस्कार नहीं हो सका। इसके बाद ग्रामीणों ने सिंध नदी में ही शव का दाह-संस्कार किया। घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में मुक्तिधाम जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को सामने ला दिया है। 764 मिमी बारिश, फिर भी पिछले साल से कम जिला प्रशासन की 27 अगस्त की दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से 27 अगस्त तक जिले में 764 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 870.8 मिमी है। इस लिहाज से अब तक सामान्य बारिश का करीब 87.7 प्रतिशत पानी बरस चुका है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार बारिश कम हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 1179.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यानी इस साल अब तक पिछले वर्ष के मुकाबले 415.4 मिमी कम बारिश हुई है।
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