Krishna Janmashtami 2026 | Hapur Temples Celebrate Kanha Birth
दानिश,हापुड़।2 मिनट पहले
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हापुड़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार पूरे जिले में श्रद्धा और खुशी के साथ मनाया गया। मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों, गुब्बारों और सुंदर सजावट से सजाया गया था। शाम होते ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी। कई जगह राधा-कृष्ण की सुंदर झांकियां सजाई गईं, तो कहीं बाल गोपाल के स्वरूप को आकर्षक तरीके से सजाया गया।
भजन-कीर्तन और संकीर्तन से पूरा शहर भक्ति में डूबा नजर आया। शहर के लक्ष्मी नारायण मंदिर, आद्यशक्ति चंडी मंदिर, हनुमान मंदिर, मंशा देवी मंदिर, पुराना शिव मंदिर, हरमिलाप मंदिर, बाबा बख्तावर नाथ मंदिर और राधा-कृष्ण मंदिर सहित कई मंदिरों में खास कार्यक्रम हुए।
भक्तों ने ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’, ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ और राधा-कृष्ण के भजनों पर खूब डांस किया। सखियों ने बधाई गीत गाकर कान्हा के जन्म की खुशी मनाई। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, जिसके बाद जयकारे गूंज उठे।
दिनभर व्रत रखने वाले भक्तों ने महाआरती की। कान्हा को पंचामृत से नहलाया गया और सुंदर कपड़े पहनाकर माखन-मिश्री का भोग लगाया गया। इसके बाद भक्तों ने अपना व्रत खोला। मंदिरों में चरणामृत, मिश्री और मखाने का प्रसाद बांटा गया। पंचायती गोशाला में भी बाल गोपाल की पूजा और संकीर्तन हुआ।
जन्माष्टमी पर घरों में भी लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव बड़े उत्साह से मनाया गया। फूलों और लाइटों से भगवान का दरबार सजाया गया और उन्हें सुंदर पोशाक पहनाई गई। आधी रात को आरती के बाद पंचामृत से स्नान कराया गया। ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से घर गूंजते रहे।
हर साल की तरह इस बार भी रेलवे रोड पर मेला लगा। बच्चों ने झूलों का मजा लिया और लोगों ने अलग-अलग पकवानों का स्वाद चखा। महिलाओं ने बच्चों को बाल गोपाल और राधा के रूप में सजाया। दिनभर छोटे बच्चे मुकुट, बांसुरी और पीले-लाल कपड़ों में दिखे। लोगों ने बच्चों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।

