जमानत बाद ‘विजय जुलूस’ निकाला, SC ने गैर-जमानती वारंट निकाला:हरियाणा पुलिस से कहा-कस्टडी में लेकर पेश करो, मर्डर केस में 3 साल बाद मिली बेल




पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद हत्या के आरोपी को ‘विजय जुलूस’ निकालना भारी पड़ गया। सुप्रीम कोर्ट तक जैसे ही मामला पहुंचा कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए हरियाणा पुलिस को आरोपी को जल्द कस्टडी में लेने और अगली सुनवाई में पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि अगस्त में आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के बावजूद उसे अभी कस्टडी में नहीं लिया गया। कोर्ट ने इसी के साथ रजिस्ट्री को आदेश की कॉपी 24 घंटे के भीतर ईमेल और अन्य माध्यमों से एसपी तक पहुंचाने को कहा। अब अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी। पहले जानिए पूरा मामला क्या है… हत्या का मामला 27 अक्टूबर 2022 का है। चरखी-दादरी में एक जमीन पर टीन शेड बनाने को लेकर आरोपी विशाल और शिकायतकर्ता राजबाला के परिवार के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि कहासुनी बढ़ने पर विशाल ने लाठी और कुल्हाड़ी से कई लोगों पर हमला कर दिया। हमले में कई लोग घायल हुए, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने विशाल को गिरफ्तार किया था। वह तीन साल से ज्यादा समय जेल में रहा। हाईकोर्ट ने चार बार जमानत खारिज की, पांचवीं बार मिली राहत हत्या के मामले में विशाल ने कई बार जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया। उसकी याचिका चार बार खारिज हुई। इसके बाद 23 अप्रैल 2026 को पांचवीं बार हाईकोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी। अदालत के सामने यह दलील रखी गई थी कि केस के महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है और आरोप साबित नहीं हुए। आरोपी तीन साल से ज्यादा समय जेल में बिता चुका है। जमानत के बाद ‘विजय जुलूस’ निकालने का आरोप अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट में शिकायतकर्ता के वकील ने आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बाद विशाल ने ‘विजय जुलूस’ निकाला। इस दौरान गवाहों को धमकाने की बात भी कही गई। इसी दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर कोर्ट में पेशी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 8 सितंबर को वकील के जरिए पेश हुआ विशाल इसके बाद 8 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई तो विशाल खुद कोर्ट में मौजूद नहीं था, बल्कि अपने वकील के माध्यम से पेश हुआ। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए उसे पहले सरेंडर करने और उसके बाद जमानत मांगने को कहा। पीठ ने जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकालने पर भी नाराजगी जताई और साफ कहा कि इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। गैर-जमानती वारंट के बावजूद गिरफ्तारी नहीं सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि विशाल के खिलाफ अगस्त में गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन अब तक उसकी तामील नहीं हुई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश नहीं किया था। पीठ ने फिलहाल वारंट की तामील नहीं होने के कारणों पर विचार करने से इनकार किया। चरखी दादरी SP को आरोपी पेश कराने का आदेश इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने चरखी दादरी के एसपी को आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट की तामील सुनिश्चित करने और विशाल को अगली सुनवाई में कोर्ट के सामने पेश करने का निर्देश दिया। अब मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर 2026 को होगी।



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