एमएसपी से कम पर अगेता धान बेचने को मजबूर:तरनतारन में मंडियों में पहुंची फसल, तुरंत सरकारी खरीद शुरू करने की मांग
आजाद किसान संघर्ष कमेटी एकता पंजाब ने सरकार से धान की सरकारी खरीद तुरंत शुरू करने की मांग की है। कमेटी का कहना है कि इस बार धान की रोपाई 10 जून की बजाय 1 जून से शुरू हुई थी, जिससे फसल जल्दी तैयार हो गई है। अब बड़ी मात्रा में धान मंडियों में पहुंचना शुरू हो गया है। कमेटी की कोर कमेटी की बैठक प्रदेश अध्यक्ष निरवैर सिंह डालेके के निवास पर हुई। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपिंदर सिंह पंडोरी तख्त मल्ल और प्रेस सचिव जतिंदर पाल सिंह ने बताया कि पिछले साल धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू हुई थी। लेकिन इस बार सरकार ने 1 अक्टूबर से खरीद शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि मंडियों में काफी धान पहुंच चुका है, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी हो रही है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों को अपना धान 3,400 रुपये प्रति क्विंटल से भी कम दाम पर बेचना पड़ रहा है। किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ आढ़ती धान को बोरियों में भरकर रख लेते हैं। बाद में उसे ज्यादा दाम पर बेच देते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। कमेटी ने कहा कि किसान पहले से ही कर्ज में डूबे हुए हैं। अगर उन्हें अपनी फसल का सही दाम नहीं मिला, तो उनकी आर्थिक दिक्कतें और बढ़ जाएंगी। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि मंडियों में आ रहे धान की सरकारी खरीद तुरंत शुरू की जाए और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिया जाए।
Source link

