नाहरगढ़ में डोल मेला मैदान विवाद गहराया:9 समाजों ने रोके देव विमान, रातभर धरने पर बैठे ग्रामीण, प्रशासन से समाधान की मांग
बारां के नाहरगढ़ कस्बे में डोल मेला मैदान की भूमि के विवाद को लेकर जलझूलनी एकादशी पर मंगलवार शाम बड़ा मामला सामने आया। विवाद का समाधान नहीं होने से नाराज 9 समाजों ने अपने देव विमानों को पूजन स्थल पर ही रोक दिया और रातभर धरने पर बैठे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक डोल मेला मैदान के भूमि विवाद का समाधान नहीं होता, वे मौके से नहीं हटेंगे। तीन साल से चल रहा है भूमि विवाद डोल मेला मैदान की जमीन को लेकर यह विवाद पिछले तीन साल से चल रहा है। सर्व समाज का आरोप है कि जमीन की नाप-जोख होने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। समाजों ने प्रशासन को पहले ही ज्ञापन देकर जलझूलनी एकादशी से पहले मामले का समाधान करने की मांग की थी। मांग पूरी नहीं हुई तो रोके देव विमान ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाते रहे, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते समाजों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि मांग पूरी नहीं होने पर जलझूलनी एकादशी के दौरान देव विमानों को रोक दिया जाएगा। मंगलवार को चेतावनी के मुताबिक 9 समाजों ने अपने देव विमान आगे नहीं भेजे और पूजन स्थल पर ही रोक दिए। दो समाजों ने भेजे देव विमान वहीं, दो समाजों ने इस विरोध को गलत बताते हुए अपने देव विमानों को मंदिरों के लिए रवाना कर दिया। इससे मौके पर विरोध की स्थिति अलग-अलग नजर आई। बाकी समाजों के लोग डोल मेला मैदान में धरने पर डटे रहे। तहसीलदार ने संभाली स्थिति, पुलिस बल तैनात मौके पर किशनगंज तहसीलदार विशाल गर्ग ग्रामीणों को समझाने में लगे रहे। थानाधिकारी विवेक हरसाना, लक्ष्मीचंद और कैलाश चंद सहित पुलिस बल भी तैनात रहा। देर रात तक ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। सुबह तक नहीं हुआ देव विमानों का विसर्जन भूमि विवाद का समाधान नहीं होने के कारण सुबह तक देव विमानों का विसर्जन नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक डोल मेला मैदान की जमीन से जुड़े विवाद का समाधान नहीं होता, उनका धरना जारी रहेगा।
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