Air India Flight Turbulence Video; Phuket-Delhi Plane
- Hindi News
- National
- Air India Flight Turbulence Video; Phuket Delhi Plane | Emergency Landing
24 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
टर्बुलेंस से फ्लाइट की सीलिंग डैमेज हो गई। घायलों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया।
एअर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आने वाली फ्लाइट AI2379 मंगलवार को टर्बुलेंस (तेज हवा के झटकों) में फंस गई। तेज झटकों के कारण फ्लाइट हिलने लगी और अचानक नीचे आने लगी। हालांकि, पायलट ने स्थिति संभाली और फ्लाइट को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार दिया।
न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि हादसे में विमान में सवार 12 लोग घायल हुए हैं। इनमें यात्री और क्रू मेंबर्स शामिल हैं। घायलों को दिल्ली एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर में जांच और इलाज के लिए भेजा गया है।
एअर इंडिया ने पहले बताया था कि सभी यात्री और क्रू सुरक्षित हैं। किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। घटना की जांच की जा रही है। टर्बुलेंस के बाद फ्लाइट की तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें प्लेन की सीलिंग के पैनल में दरारें दिखीं।
आंख-गर्दन में चोटें, विमान की छत में दरारें… हादसे की 5 तस्वीरें
तेज झटकों से फ्लाइट की सीलिंग के पैनल में दरारे आ गई हैं।
हादसे के बाद क्रू मेंबर्स और पैसेंजर्स सदमे में दिखे।
घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद व्हीलचेयर पर एयरपोर्ट से बाहर लाया गया।
एक एयर होस्टेस की गर्दन में चोट लगी। उसे गले में नेक ब्रेस पहनाया गया।
घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
क्या होता है टर्बुलेंस?
टर्बुलेंस का मतलब है हवा का बहाव अचानक बदल जाना, जिससे विमान को झटके लगने लगते हैं। इस दौरान विमान कुछ समय के लिए ऊपर-नीचे या दाएं-बाएं हिल सकता है और कभी-कभी कुछ फीट नीचे भी आ जाता है।
इसी वजह से यात्रियों को लगता है कि विमान गिर रहा है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में ऐसा नहीं होता। टर्बुलेंस को ऐसे समझ सकते हैं, जैसे उबड़-खाबड़ सड़क पर चलती कार अचानक हिलने लगती है। कुछ टर्बुलेंस हल्के होते हैं, जबकि कुछ ज्यादा तेज हो सकते हैं।
विमान को स्थिर उड़ान के लिए उसके पंखों (विंग्स) के ऊपर और नीचे से हवा का समान बहाव जरूरी होता है। जब मौसम, तेज हवाओं या अन्य कारणों से यह बहाव बिगड़ जाता है, तो एयर पॉकेट्स बनते हैं। इन्हीं की वजह से टर्बुलेंस पैदा होता है।
टर्बुलेंस तीव्रता के लिहाज से तीन तरह के होते हैं
- हल्के टर्बुलेंस: इसमें प्लेन 1 मीटर तक ऊपर-नीचे होता है। यात्रियों को पता भी नहीं चलता।
- मध्यम टर्बुलेंस: इसमें जहाज 3-6 मीटर तक ऊपर-नीचे होते हैं। इससे ड्रिंक गिर सकता है।
- गंभीर टर्बुलेंस: इसमें जहाज 30 मीटर तक ऊपर-नीचे होते हैं। सीट बेल्ट न लगाए रहने पर पैसेंजर उछलकर गिर सकते हैं।
क्या टर्बुलेंस की वजह से प्लेन क्रैश हो सकता है?
आधुनिक तकनीक और बेहतर सुरक्षा सिस्टम की वजह से आज टर्बुलेंस से विमान हादसे की आशंका काफी कम हो गई है। हालांकि, बेहद गंभीर टर्बुलेंस या खराब मौसम में दुर्घटना का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता।
हालांकि, आज के आधुनिक विमान हर तरह के टर्बुलेंस को झेलने के हिसाब से बनाए जाते हैं। पायलटों को भी ऐसी परिस्थितियों से सुरक्षित तरीके से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।
दुनिया में टर्बुलेंस से जुड़े 3 बड़े विमान हादसे
- 1994 में अमेरिका की यूएस एयर फ्लाइट 1016 लैंडिंग के दौरान तूफान से पैदा हुए टर्बुलेंस की चपेट में आकर क्रैश हो गई थी। इस हादसे में 37 लोगों की मौत हुई थी।
- 1999 में अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 1420 भी खराब मौसम और टर्बुलेंस के बाद रनवे से फिसलकर क्रैश हो गई थी, जिसमें 11 लोगों की जान गई।
- 2001 में अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 587 टेकऑफ के कुछ देर बाद वेक टर्बुलेंस की वजह से क्रैश हो गई थी। इस हादसे में विमान में सवार सभी 260 लोगों की मौत हो गई थी।
————————–
ये खबरें भी पढ़ें…
चेन्नई में यात्री चलती फ्लाइट का इमरजेंसी गेट खोलकर कूदा: विमान रनवे से टर्मिनल की तरफ जा रहा था
चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान एयर अरेबिया की चलती फ्लाइट में एक यात्री इमरजेंसी गेट खोलकर नीचे कूद गया। घटना के बाद पायलट ने तुरंत विमान को रोक दिया और एयरपोर्ट अधिकारियों को सूचना दी। पूरी खबर पढ़ें…
हैदराबाद-हुबली फ्लाइट 2 घंटे हवा में चक्कर काटती रही:खराब मौसम के चलते हिलने लगा प्लेन; पैसेंजर रोते नजर आए
हैदराबाद से हुबली जा रही Fly-91 एयरलाइन की एक फ्लाइट खराब मौसम के चलते 2 घंटे हवा में ही चक्कर काटती रही। सोशल मीडिया में वायरल VIDEO में पैसेंजर रोते हुए और हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दिख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

