Ghaziabad LLB Student Rape Accused Leader Released Amidst Controversy
गाजियाबाद में एलएलबी छात्रा से रेप का आरोपी हिंदूवादी नेता सुशील प्रजापति 8 महीने बाद 17 मई को डासना जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आते ही 50 से ज्यादा समर्थकों ने कंधे पर बैठाकर रील बनाई। किसी ने पैर छूए तो किसी ने फूल मालाओं से स्वागत किया।
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जेल से रिहाई के स्वागत की वीडियो और फोटो सामने आए तो पुलिस ने भी चुप्पी साध ली थी। हालांकि वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने रेप के आरोपी और उसके 15 अज्ञात समर्थकों पर रोड बाधित कर जुलूस निकालने में केस दर्ज कर लिया है।
वहीं, एलएलबी छात्रा इस समय गाजियाबाद कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही है। पीड़िता ने कहा- मैं यौन शोषण करने वाले सुशील की जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट जाउंगी। हर हाल में सजा दिलाकर ही रहूंगी।
जेल से बाहर आने पर एक समर्थक ने पैर छूकर सुशील का आशीर्वाद लिया।
पीड़िता से फोन पर हुई बातचीत पढ़िए….
सवाल: सुशील प्रजापति जेल से बाहर आ गया, इस पर क्या कहेंगी?
जवाब: जिसने मेरे साथ गलत काम किया, मैं उसे कभी माफ नहीं कर सकती। गाजियाबाद कोर्ट से उसकी जमानत खारिज हो चुकी थी। अब हाईकोर्ट से जमानत मिली है, जिसके बाद वह गाजियाबाद की जेल से बाहर आया है। मैं अपने वकील से संपर्क में हूं। आरोपी की जमानत रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट जाऊंगी।
सवाल: रेप के आरोपी ने समर्थकों के साथ जुलूस निकाला, क्या कहेंगी?
जवाब: हां मैंने मीडिया में खबर पढ़ी और देखी। एक लड़की के साथ धोखे से कोल्ड्रड्रिंक में नशीला पदार्थ देकर मेरे साथ रेप किया। उसके बाद मेरी सुनवाई नहीं हुई। जब मैंने डीसीपी और गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को पूरा मामला बताया, तब आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
जेल से बाहर आने पर माला पहनवाकर ऐसे स्वागत करा रहा है, जैसे कितना बड़ा काम किया हो। इसे शर्म आनी चाहिए और इसके समर्थकों को भी शर्म आनी चाहिए। यदि इंसानियत होती तो फोटो वीडियो तो दूर किसी को मुंह भी नहीं दिखाता।
सवाल: समर्थक पैर भी छूते दिखे?
जवाब: सुशील के साथ पूरी टीम है। यह खुद को हिंदुवादी नेता बताता था। हिंदु युवा वाहिनी में नगर अध्यक्ष भी रहा। इसके समर्थन में मुझ पर फैसले का दबाव भी बनाया। तरह-तरह से धमकी दीं। लेकिन एक लड़की को सम्मान के साथ जीना होता है।
जिन समर्थकों ने पैर छूए हैं, उनके घर में क्या बहन नहीं हैं। उन्हें भी शर्म आनी चाहिए कि बलात्कार करने वाले के पैर छूकर कंधों पर बिठाया जा रहा है।
गाजियाबाद में सुशील प्रजापति हिंदू युवा वाहिनी के मुरादनगर नगर अध्यक्ष पद पर रह चुका है।
सवाल: चर्चा है कि आप ने समझौता कर लिया, क्या यह सच है?
जवाब: मैंने किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया है। सुशील और उसके समर्थक मेरे बारे में गलत अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। जब मैं अधिकारियों के सामने पेश हुई थी, तब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
आरोपी ने खुद को बचाने के लिए फर्जी शपथपत्र तैयार कराया। उसमें मेरा और अपना फोटो लगाकर फर्जी हस्ताक्षर किए गए और वकील के माध्यम से यह दावा किया गया कि हमारी शादी हो चुकी है और हम साथ रह चुके हैं।
मैंने कभी कोई शपथपत्र नहीं दिया और न ही शादी के लिए सहमति जताई। मेरे साथ दुष्कर्म किया गया और अब फर्जी दस्तावेज तैयार कर आरोपी खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है।
सवाल: क्या आपको धमकी दी गई?
जवाब: जब मैंने अगस्त 2025 में मुरादनगर थाने में शिकायत की तो मुझे सुशील के समर्थकों ने धमकी दी। कहा था कि केस दर्ज कराने पर ठीक नहीं होगा। उसके बाद भी समझौते का दबाव बनाया। मेरा परिवार मेरे साथ है, मैं नहीं चाहती कि अखबार या न्यूज में मेरी कोई पहचान दी जाए। मुझे जान का खतरा अभी भी है।
सवाल: अब आप आगे क्या चाहतीं हैं?
जवाब: मैं इस मामले में इंसाफ चाहती हूं। मेरे साथ जो हुआ, वह किसी दूसरी लड़की के साथ न हो। एक संगठन से जुड़कर मदद का भरोसा देना और फिर किसी लड़की की अस्मत से खिलवाड़ करना बेहद गलत है।
जुलूस निकालने वाले आरोपी और उसके समर्थकों के खिलाफ पुलिस को सख्त कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजना चाहिए। मैं आरोपी की जमानत रद्द कराने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ूंगी।
जब आरोपी को गाजियाबाद कोर्ट से जमानत नहीं मिली, तब उसने हाईकोर्ट का रुख किया। वहां भी खुद को बचाने के लिए मेरा फोटो लगाकर फर्जी शादी का शपथपत्र पेश किया गया। उसमें मेरे फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए।
पुलिस ने दर्ज किया केस
एसीपी मसूरी भास्कर वर्मा ने बताया कि सुशील प्रजापति और 15 अन्य के खिलाफ मसूरी थाने में केस दर्ज किया गया है। यह मुकदमा जेल चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार की तरफ से केस दर्ज कराया है। इसमें जो भी साक्ष्य होंगे उनके आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
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गाजियाबाद में रविवार को एलएलबी छात्रा से रेप का आरोपी 8 महीने बाद जमानत पर जेल से बाहर आया। डासना जेल से निकलते ही समर्थकों ने उसपर फूल बरसाए। उसे कंधे पर बैठाकर जेल परिसर से सड़क तक ले गए। फिर गाड़ियों का काफिला निकालकर जुलूस निकाला गया। समर्थकों ने इसका वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है। आरोपी हिंदू युवा वाहिनी का नगर अध्यक्ष रह चुका है। पढ़ें पूरी खबर….

