GHS Prayagraj Girls High School Tops ICSE-ISE Exams
प्रयागराज के टॉप स्कूलों में शुमार गर्ल्स हाई स्कूल (GHS) का अपना इतिहास है। यहां पढ़ना लड़कियों का सपना रहता है। अब जीएचएस नए कीर्तिमान बना रहा हैं। पिछले चार सालों का रिकॉर्ड देखें तो गर्ल्स हाई स्कूल ने ICSE-ISE में शानदार प्रदर्शन किया है। देशभर की
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प्रिंसिपल विनीता इसुबियस का इसमें अहम योगदान रहा है। हालांकि वे लगातार सफलता का श्रेय पूरी तरह से स्कूल के अनुशासन, शिक्षकों के समर्पण और विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत को देती हैं। दैनिक भास्कर ने प्रिंसिपल विनीता ने इस सफलता को साझा किया।
यू कैन एंड यू विल का मंत्र
स्कूल की प्रिंसिपल विनीता का कहना है कि विद्यार्थियों को शुरू से ही ‘यू कैन एंड यू विल’ (तुम कर सकते हो और तुम करोगे) का आत्मविश्वास दिया जाता है। होलिस्टिक डेवलपमेंट यानी यहां केवल किताबी पढ़ाई नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास और अनुशासन पर विशेष जोर दिया जाता है। कक्षा के बाद भी ब्रेक के दौरान शिक्षकों द्वारा बच्चों की समस्याओं और उनके व्यक्तिगत संघर्षों पर विशेष ध्यान देना स्कूल की संस्कृति का हिस्सा है।
बदलते परीक्षा पैटर्न के अनुरूप तैयारी
प्रिंसिपल विनीता इसुबियस ने बताया कि काउंसिल (CISC) द्वारा परीक्षा पैटर्न में बदलाव के बाद, अब केवल रटने से अच्छे अंक नहीं मिल सकते। इसे देखते हुए स्कूल ने अपनी शिक्षण पद्धति को बदला है। अब यहाँ विद्यार्थियों में एनालिटिकल और एप्लीकेशन आधारित समझ विकसित करने पर काम किया जा रहा है। इसके लिए स्कूल प्रबंधन शिक्षकों को लगातार ट्रेनिंग और वर्कशॉप्स के जरिए अपडेट कर रहा है, जिससे वे बदलते आधुनिक परिवेश और तकनीक के साथ तालमेल बिठा सकें।
परंपरा और आधुनिकता का संतुलन
164 वर्ष पुराना गजा हाई स्कूल आज भी अपनी पुरानी मान्यताओं और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को साथ लेकर चलता है। स्कूल में स्मार्ट क्लासेज और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग तो किया जाता है, लेकिन इसके साथ ही भौतिक किताबों (फिजिकल बुक्स) और लिखकर अभ्यास करने की पारंपरिक पद्धति को भी अनिवार्य रखा गया है। प्रिंसिपल का मानना है कि सफलता का असली रहस्य परंपरा और आधुनिकता का यही अनूठा मिश्रण है, जिसने उनके विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में लगातार अव्वल बनाए रखा है।

