IIMT Meerut MBA Student Death
मेरठ के गंगानगर स्थित IIMT University के सरोजनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल में बुधवार सुबह एमबीए फाइनल ईयर की छात्रा की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद हॉस्टल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छात्राओं की सूचना पर यूनिवर्सिटी प्रशासन मौके पर पहुंचा और
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मृतक छात्रा की पहचान सहारनपुर निवासी अनु गुप्ता के रूप में हुई है। वह स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट की एमबीए फाइनल ईयर की छात्रा थी और हॉस्टल के कमरा नंबर-67 में रहती थी। बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे उसका शव हॉस्टल परिसर में खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला।
IIMT University के गर्ल्स हॉस्टल में एमबीए फाइनल ईयर की छात्रा की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई
साथ पढ़ने वाले छात्रों के अनुसार अनु काफी शांत और सरल स्वभाव की थी। वह क्लास में कम बोलती थी और ज्यादा किसी से बातचीत नहीं करती थी। छात्राओं ने बताया कि वह एक दिन पहले ही अपने परिजनों के साथ हॉस्टल लौटी थी। कुछ समय पहले उसकी मां का निधन हो गया था, जिसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी और लंबे समय से छुट्टी पर थी।
छात्राओं का कहना है कि घटना से पहले भी उनकी अनु से बातचीत हुई थी, लेकिन उसने सामान्य तरीके से बात की थी। किसी को भी उसके व्यवहार से ऐसी घटना की उम्मीद नहीं थी।
स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के डीन डॉ. विनीत कौशिक ने बताया कि अनु एक दिन पहले ही अपने परिजनों के साथ हॉस्टल आई थी। एग्जाम नजदीक होने के चलते परिवार उसे छोड़ने आया था। उन्होंने कहा कि फरवरी में उसकी मां के निधन के बाद वह काफी परेशान रहने लगी थी और कॉलेज कम आ रही थी। डीन के मुताबिक अटेंडेंस को लेकर कोई समस्या नहीं थी और फाइनल ईयर के छात्रों को डिबार्ड नहीं किया जाता है। उन्होंने बताया की अनु शांत स्वभाव की छात्रा थी और किसी से ज़्यादा बात नहीं करती थी।
छात्रा अक्षरा पांडेय ने कहा कि घटना के बाद पुलिस को करीब एक घंटे देरी से सूचना दी गई
घटना के बाद यूनिवर्सिटी की छात्राओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रा अक्षरा पांडेय ने कहा कि घटना के बाद पुलिस को करीब एक घंटे देरी से सूचना दी गई। उनके मुताबिक पुलिस के पहुंचने से पहले ही बाउंसर छात्रा की बॉडी को अस्पताल लेकर चले गए, जबकि क्राइम सीन को सुरक्षित रखा जाना चाहिए था। उन्होंने दावा किया कि अनु ने रात में दोस्तों के साथ सामान्य तरीके से समय बिताया था और वह खुश नजर आ रही थी। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि अनु को एग्जाम में बैठने को लेकर तनाव था, हालांकि फैकल्टी ने इससे इनकार किया है।
छात्रा माही सिंह ने मामले को संदिग्ध बताते हुए कहा कि छात्रा की रूममेट को जल्दबाजी में घर भेज दिया गया
वहीं दूसरी छात्रा माही सिंह ने मामले को संदिग्ध बताते हुए कहा कि छात्रा की रूममेट को जल्दबाजी में घर भेज दिया गया। उन्होंने वार्डन और प्रशासन पर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। छात्राओं ने मामले में न्याय की मांग करते हुए हॉस्टल परिसर में विरोध जताया।

