बुलंदशहर में कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज:कांवड़ मार्ग पर बंद रहेंगी मीट की दुकानें, ढाबों-ठेलों पर नाम लिखना अनिवार्य
बुलंदशहर में आगामी श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शासन के कड़े निर्देशों के तहत, कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी मीट-मांस की दुकानें यात्रा के दौरान पूरी तरह बंद रहेंगी। इसके अतिरिक्त, मार्ग पर संचालित ढाबों, होटलों, रेहड़ी और ठेलों पर उनके संचालकों का नाम लिखना अनिवार्य होगा। प्रशासन की इस पहल पर बुलंदशहर के होटल संचालकों, ढाबा मालिकों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। सभी ने सरकार और पुलिस प्रशासन के आदेशों पर पूर्ण सहमति जताते हुए कहा है कि वे निर्देशों का हर हाल में पालन करेंगे। संचालकों ने बताया कि आधिकारिक निर्देश मिलते ही वे मीट-मांस की दुकानें बंद कर देंगे और तय मानकों के अनुसार नेम प्लेट भी लगा देंगे। स्थानीय व्यापारियों ने आस्था के इस महापर्व में कांवड़ियों के स्वागत और सेवा के लिए पूरी तैयारी की है। उन्होंने कांवड़ियों के सम्मान में पीने के पानी और शुद्ध भोजन की विशेष व्यवस्था करने का भी आश्वासन दिया है। एसपी क्राइम नरेश कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस प्रशासन ने बुलंदशहर क्षेत्र के होटल, ढाबा और रेहड़ी-ठेला संचालकों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उनकी राय जानी गई और आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए गए। एसपी क्राइम नरेश कुमार ने कहा, “बैठक के दौरान सभी संचालकों ने श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान मीट की दुकानों को बंद रखने और कांवड़ मार्ग पर नेम प्लेट लगाने पर अपनी सहमति जताई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यात्रा को शांतिपूर्ण, स्वच्छ और गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न कराना है।” प्रशासन और स्थानीय व्यापारियों के इस तालमेल से स्पष्ट है कि बुलंदशहर में कांवड़ यात्रा के स्वागत और व्यवस्थाओं के लिए सभी एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं।
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