गेहूं खरीद में भंडारण समस्या, कलेक्टर को ज्ञापन:संगठनों ने की खरीद सीमा बढ़ाने, अतिरिक्त गोदाम खोलने और बारिश से बचाव की मांग
हनुमानगढ़ में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीद के दौरान भंडारण और उठाव की समस्या गहरा गई है। इसे लेकर विभिन्न व्यापारिक, किसान और श्रमिक संगठनों ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने गेहूं खरीद सीमा बढ़ाने, अतिरिक्त गोदाम उपलब्ध करवाने और खरीद अवधि 30 जून तक बढ़ाने की मांग की। फूडग्रेन मर्चेन्ट्स एसोसिएशन, व्यापार संघ, व्यापार मंडल, खाद्य व्यापार संघ, अखिल भारतीय किसान सभा और सीटू सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि मंडी में खरीदे गए गेहूं के भंडारण के लिए संचालित अधिकांश गोदाम लगभग भर चुके हैं। मंडी यार्ड में लाखों गेहूं के कट्टे खुले में पड़े हैं। संगठनों ने चिंता व्यक्त की कि मौसम विभाग लगातार बारिश का अलर्ट जारी कर रहा है, जिससे खुले में रखे गेहूं के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वर्तमान में एफसीआई, आरएसएफसीएससी और तिलम संघ द्वारा लगभग 19 लाख गेहूं कट्टों का बारदाना वितरित किया गया है। इनमें से लगभग 12 लाख कट्टों का उठाव हुआ है, जबकि 7 लाख कट्टे अब भी मंडी में पड़े हैं। इसके अतिरिक्त, बड़ी मात्रा में गेहूं ढेरियों के रूप में खुले प्लेटफॉर्म और शेडों में रखा है। ज्ञापन में बताया गया कि राज्य सरकार ने बीकानेर संभाग के लिए गेहूं खरीद लक्ष्य में वृद्धि की है, लेकिन हनुमानगढ़ मंडी की खरीद सीमा अब भी अपर्याप्त है। इस वर्ष गेहूं का रकबा और उत्पादन दोनों बढ़े हैं, जिससे खरीद पर दबाव बढ़ गया है। संगठनों ने बायोमैट्रिक, स्लॉट बुकिंग और टोकन व्यवस्था को भी किसानों के लिए परेशानी का कारण बताया। उनका कहना था कि कई किसान ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद खरीद का इंतजार कर रहे हैं। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान, मजदूर और व्यापारी संगठन आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में रामेश्वर वर्मा, शेर सिंह शाक्य, रामलाल किरोड़ीवाल, दलीप सिंह ढिल्लो, पदमचंद जैन, धर्मपाल डिम्पल जिंदल, महावीर सहारण और सुमित रणवां सहित कई पदाधिकारी शामिल थे।
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