झांसी में गैरकानूनी अल्ट्रासाउंड सेंटर पकड़ा:बैग में पोर्टेबल मशीन लेकर घूमते थे आरोपी, कमरे में चल रहा था खेल, छापा पड़ते ही भाग निकले

झांसी में गैरकानूनी अल्ट्रासाउंड सेंटर पकड़ा:बैग में पोर्टेबल मशीन लेकर घूमते थे आरोपी, कमरे में चल रहा था खेल, छापा पड़ते ही भाग निकले




झांसी मेडिकल कॉलेज के सामने किराए के कमरे में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पकड़ा गया है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापा मारकर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन समेत कई उपकरण सीज कर दिए। टीम को देखते ही मौके पर मौजूद दो लोग मशीन चालू छोड़कर फरार हो गए। अब इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि यहां जन्म से पहले भ्रूण के लिंग की अवैध जांच का खेल चल रहा हो सकता है। जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने करगुवांजी मंदिर के पास स्थित एक मकान में छापेमारी की। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि यहां बिना किसी वैध अनुमति के पोर्टेबल मशीन के जरिए अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट और मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिशिर अग्निहोत्री की मंजूरी के बाद जब टीम ने कमरे में प्रवेश किया तो वहां पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन चालू हालत में मिली। कमरे में मौजूद दो लोग अधिकारियों को देखते ही मौके से भाग निकले। जिनके भागने की पूरी घटना कैमरे में कैद कर ली गई। मशीन, मोबाइल और डीवीआर सीज छापेमारी के दौरान टीम ने एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, दो मोबाइल फोन, एक कैमरे का डीवीआर, दो मोबाइल चार्जर और एक एडाप्टर बरामद कर सीज कर दिया। बरामद सामान को नगर मजिस्ट्रेट और सीएमओ की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवा दिया गया है। भ्रूण लिंग जांच के एंगल पर भी जांच स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर किराए के एक कमरे में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन क्यों संचालित की जा रही थी। चूंकि बिना अनुमति के अल्ट्रासाउंड संचालन पूरी तरह अवैध है, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यहां जन्म से पहले भ्रूण के लिंग की जांच का अवैध खेल भी चल रहा हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। किराए के कमरे में चल रहा था पूरा नेटवर्क प्रशासनिक जांच में सामने आया कि मकान मकान नम्बर 122, पावागिरी शिक्षण संस्थान, करगुवांजी मंदिर के पास स्थित भवन में यह मशीन रखी गई थी। भवन के मालिक बड़ा बाजार निवासी सौरभ कुमार जैन हैं। मकान मालिक के अनुसार संबंधित कमरा प्रिंकित नामक व्यक्ति को किराये पर दिया गया था।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मेडिकल कॉलेज के ठीक सामने किराये के कमरे में अवैध अल्ट्रासाउंड का यह नेटवर्क कब से संचालित हो रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!