दरा रेलवे अंडरपास हादसे पर बोले पमरे जीएम:ड्रॉइंग को सही तरीके से फॉलो नहीं किया गया, तेज गर्मी के कारण मॉइश्चर चला गया होगा

दरा रेलवे अंडरपास हादसे पर बोले पमरे जीएम:ड्रॉइंग को सही तरीके से फॉलो नहीं किया गया, तेज गर्मी के कारण मॉइश्चर चला गया होगा




पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे)के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने शनिवार को कोटा में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने दरा रेलवे अंडर ब्रिज निर्माण के दौरान हुए हादसे को लेकर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दरा में कुछ त्रुटियां रही है,ड्रॉइंग को सही तरीके से फॉलो नहीं किया गया। जीएम ने कहा कि कार्य करने के दौरान जो भी घटना होती है। उनसे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। दरा में कुछ त्रुटियां रही है। ड्रॉइंग को सही तरीके से फॉलो नहीं किया गया। क्योंकि वहां की लाइन (लेंड )दिखने में बहुत स्ट्रॉन्ग पैकिंग के साथ जुड़ी दिख रही थी। उस दौरान गर्मी बहुत ज्यादा थी। गर्मी की वजह से उसका मॉइश्चर चला गया होगा।जिस वजह से हादसा हुआ। आगे लोगों को बताया किसी भी तरीके का रिस्क मत लो। जो लाइन दिखने में अच्छी लग रही है। इतनी गर्मी में बाद में उसका बिहेवियर चेंज हो सकता है। उस हादसे से सब लोगों ने सबक लिया है। आगे रिपीट ना हो उसके लिए हमने एक सर्कुलर जारी किया है।क्योंकि इस हादसे में सबसे ज्यादा लॉस हमें हुआ है। हमारे दो इंजीनियर की मौत हुई। उन्होंने कहा कि फिलहाल मौके पर काम चल रहा है। हादसे के बाद काम की रफ्तार धीमे व बहुत सेफ तरीके से एक-एक दिन का प्लान बनाकर कर रहे हैं। 15 अगस्त तक उस काम को पूरा कर लेंगे। बता दें 28 मई को कोटा में नेशनल हाईवे-52 पर दरा घाटी के पास रात करीब 8 बजे रेलवे अंडर ब्रिज पर बॉक्स फिशिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे जूनियर इंजीनियर प्रभात सिंह सोलंकी और पंकज कुमार झा अचानक मिट्टी ढहने से उसके नीचे दब गए थे। प्रशासन और राहत टीम ने तत्काल रेस्क्यू कर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई थी। कोटा रेलवे स्टेशन एवं न्यू कोटा स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया इससे पहले पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा रेलवे स्टेशन एवं न्यू कोटा स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। महाप्रबंधक ने कोटा वैगन रिपेयर वर्कशॉप का भी दौरा किया। उन्होंने व्हील एवं सीटीआरबी शॉप, बोगी शॉप तथा बॉक्स शॉप की कार्यप्रणाली का निरीक्षण कर रखरखाव एवं उत्पादन संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली। महाप्रबंधक ने कोटा स्थित सिग्नल एवं दूरसंचार जीएसयू यूनिट में स्थापित उन्नत कवच फैट रूम का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कवच प्रणाली की विश्वसनीयता एवं परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए किए गए तकनीकी नवाचारों की सराहना की। ————————————— ये खबर भी पढ़े- डेडलाइन पूरी करने की जल्दबाजी में गई इंजीनियरों की जान:बिना सुरक्षा उपकरण गड्ढे में उतरे,एक की मौके पर मौत; दूसरे का सिर फटा नौकरी लगने के 3 महीने बाद रेलवे इंजीनियर की मौत:परिवार का इकलौता बेटा था; अंडरपास बनाते समय मिट्टी ढहने से 2 की मौत हुई थी रेलवे अंडरपास बनाते समय मिट्टी ढही,2 इंजीनियर की मौत:जेसीबी से मिट्‌टी हटाकर 15 मिनट में दोनों को निकाला, एक अधिकारी ने हॉस्पिटल में तोड़ा दम



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!