धरहरा थानाध्यक्ष चंदन कुमार लाइन हाजिर:मुंगेर पुलिस में फेरबदल, नए थानेदार सोनू कुमार संभालेंगे जिम्मेदारी
मुंगेर जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने थानाध्यक्षों के स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस क्रम में धरहरा थाना के थानाध्यक्ष चंदन कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। कासिम बाजार थाना में पदस्थापित अपर थानाध्यक्ष सोनू कुमार को धरहरा थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। यह तीसरी बार है जब सोनू कुमार को मुंगेर जिले में धरहरा थाना की स्वतंत्र कमान सौंपी गई है। सोनू कुमार इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। अपर थानाध्यक्ष के रूप में भी कार्यकाल संतोषजनक वह धरहरा प्रखंड क्षेत्र के लड़ैयाटांड़ थाना में थानाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। हरपुर थाना में तैनाती के दौरान उन्होंने श्रावणी मेला जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक संभाली थी। कासिम बाजार थाना में अपर थानाध्यक्ष के रूप में भी उनका कार्यकाल संतोषजनक रहा है। युवा और ऊर्जावान अधिकारी के रूप में पहचाने जाने वाले सोनू कुमार के सामने धरहरा थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और शराब तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना बड़ी चुनौती होगी। पुलिस मुख्यालय को उनसे बेहतर कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की उम्मीद है। पहले भी अपने साहसिक कार्यों के लिए चर्चा में रहे निवर्तमान थानाध्यक्ष चंदन कुमार को 24 सितंबर 2025 को धरहरा थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लगभग 301 दिनों तक इस पद पर रहने के बाद उन्हें लाइन हाजिर किया गया है। चंदन कुमार इससे पहले भी अपने साहसिक कार्यों के लिए चर्चा में रहे हैं। वर्ष 2025 में मुफस्सिल थाना में तैनाती के दौरान, 14 मार्च को होली के दिन एसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए की गई कार्रवाई में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पुलिस टीम पर हमला कर एक जवान की राइफल छीन ली थी उस घटना के दौरान आरोपी गुड्डू यादव ने पुलिस टीम पर हमला कर एक जवान की राइफल छीन ली थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, तत्कालीन थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने अपनी सरकारी पिस्टल से आरोपी के पैर में गोली मारकर राइफल लूटने के प्रयास को विफल कर दिया था। इस कार्रवाई से एक बड़ी घटना टल गई थी। हालांकि बाद में डीआईजी स्तर की जांच के दौरान उन्हें लाइन हाजिर किया गया था, लेकिन इसके बाद पुनः धरहरा थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब एक बार फिर उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है।
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