नागपंचमी पर बीजामंडल मंदिर में पूजा को लेकर हंगामा:विदिशा में विधायक बोले- ताला खोलने से समस्या हल नहीं होगी, मंदिर निर्माण की मांग करेंगे
विदिशा नागपंचमी पर ऐतिहासिक विजया मंदिर (बीजामंडल) में पूजा-अर्चना को लेकर सोमवार को गहमागहमी रही। मंदिर के बंद दरवाजे और ताले को लेकर हिंदू संगठनों के बीच मतभेद सामने आए। विवाद के बाद मंदिर की चौखट का पूजन कर कार्यक्रम संपन्न कराया गया। भोपाल के महामंडलेश्वर अनिलानंद महाराज के साथ शुभम वर्मा और उनके समर्थक बीजामंडल पहुंचे। समर्थकों ने मंदिर का ताला खोलकर अंदर पूजा करने की मांग की। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और समर्थकों के बीच कई बार बहस हुई। इसी बीच विधायक मुकेश टंडन शहर के विद्वान और प्रबुद्ध लोगों के साथ पूजा करने पहुंचे। बंद ताले के सामने पूजा की तैयारी होने पर शुभम वर्मा के समर्थकों ने ताले की पूजा का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक टंडन ने समर्थकों को समझाते हुए कहा कि हिंदू शास्त्रों में चौखट पूजन का विधान है। ताले की पूजा का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि वे ताले की नहीं, चौखट की पूजा करते हैं। चौखट पूजन के बाद शांत हुआ विवाद गहमागहमी के बीच विधायक मुकेश टंडन और महामंडलेश्वर अनिलानंद महाराज की मौजूदगी में मंदिर की चौखट का पूजन किया गया। पं. संजय पुरोहित ने विधि-विधान से पूजा कराई। चौखट पूजन के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत हुआ और पूजा संपन्न हुई। विधायक मुकेश टंडन ने कहा कि बीजामंडल में परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई कर्मकांडी ब्राह्मण ताले की पूजा कैसे कराएगा। उन्होंने बीजामंडल में पूजा की परंपरा शुरू कराने के लिए संघर्ष करने वाले पूर्वजों और स्वर्गीय नंद किशोर शास्त्री के संघर्ष को भी याद किया। विधायक बोले- ताला खोलने से समस्या हल नहीं होगी विधायक ने कहा कि हिंदू समाज की मूल मांग ताला खुलवाना नहीं, बल्कि विजय मंदिर का पुनर्निर्माण और उसका वास्तविक स्वरूप वापस लाना है। उन्होंने बताया कि इस मांग को प्रदेश और केंद्र सरकार के सामने रखा गया है। उन्होंने विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि ताला खोलने से समस्या हल नहीं होने वाली। मंदिर का पुनर्निर्माण जरूरी है। उन्होंने सभी हिंदू संगठनों से मंदिर निर्माण की मांग को लेकर एकजुट होने की अपील की। शुभम वर्मा के समर्थकों ने की अंदर पूजा की मांग इससे पहले शुभम वर्मा और उनके समर्थकों ने मंदिर का ताला खोलकर अंदर पूजा करने की मांग रखी थी। समर्थकों का कहना था कि नागपंचमी पर हर साल यहां ताले की पूजा की जाती है। उनका कहना था कि उन्हें मंदिर के अंदर जाकर पूजा-अर्चना की अनुमति दी जाए। इसी मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और समर्थकों के बीच कई बार बहस हुई। विधायक के पहुंचने के बाद विवाद और बढ़ गया। समर्थकों ने ताले की पूजा का विरोध किया और नारेबाजी की। मौके पर मौजूद लोगों की समझाइश के बाद स्थिति संभाली गई। नंद किशोर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि पूजा के दौरान विजय मंदिर के ताले खुलवाने और मंदिर निर्माण की मांग को लेकर लंबे समय तक संघर्ष करने वाले स्वर्गीय नंद किशोर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी गई। कुछ युवा उनका चित्र लेकर मौके पर मौजूद रहे। पं. संजय पुरोहित ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूजा कराई। बीजामंडल के मालिकाना हक और उसके धार्मिक स्वरूप से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी वजह से मंदिर के ताले खोलने और अंदर पूजा को लेकर हर साल नागपंचमी पर स्थिति संवेदनशील रहती है। सोमवार को भी प्रशासन की मौजूदगी में पूजा कराई गई। चौखट पूजन के बाद कार्यक्रम संपन्न हुआ और स्थिति सामान्य हो गई।
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