नाबालिग विवाहिता की बच्ची की मौत:आश्रय गृह में रह रही थी लड़की, 14 महीने पहले प्रेमी के साथ कर्नाटक में मिली थी
दरभंगा जिले के भराठी स्थित वृहद आश्रय गृह में रह रही एक नाबालिग विवाहिता की नवजात बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले को लेकर सिमरी थाना में यूडी केस दर्ज किया गया है। शव का पोस्टमार्टम न्यायिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के साथ कराया है। तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल लाया गया था पुलिस के अनुसार, कोर्ट के आदेश पर नाबालिग को आश्रय गृह में रखा गया था। 18 जुलाई को सिंहवाड़ा सीएचसी में एक बच्ची को जन्म दिया था। 20 जुलाई को नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे पीएचसी लाया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर कर दिया गया। इलाज के बाद डॉक्टरों ने दवा देकर वापस भेज दिया था। 21 जुलाई की दोपहर अचानक नवजात की तबीयत फिर बिगड़ गई। वृहद आश्रय स्थल के कर्मियों के साथ उसे तत्काल डीएमसीएच के शिशु वार्ड लाया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्ची की मौत हो चुकी थी।
छानबीन में जुटी पुलिस सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमारने बताया कि मामले में यूडी कांड संख्या04/26 दर्ज किया गया है। अनुसंधान का जिम्मा एसआई पन्नालाल सिंह को सौंपा गया है। पुलिस नवजात की मौत के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जानिए क्या है पूरा मामला? मामला घनश्यामपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एक अपहरण कांड से जुड़ा हुआ है। नाबालिग लड़की के पिता ने 14 अप्रैल 2025 को थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि उनकी 16 वर्षीय बेटी सुबह शौच के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान चार लोग हथियार के बल पर उसे जबरन फोर व्हीलर में बैठाकर ले गए। गांव के ही मो. सदाब को नामजद करते हुए आरोप लगाया था कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी बेटी का अपहरण कर ले गया। उन्होंने बेटी की हत्या, बेच देने और धर्म परिवर्तन कराने की आशंका भी जताई थी। 14 महीने बाद कर्नाटक से हुई थी बरामदगी मामले के अनुसंधानकर्ता अशोक कुमार ने बताया कि करीब 14 महीने बाद 18 जून 2026 को नाबालिग को कर्नाटक से बरामद किया गया। जांच में पता चला कि वह मो. सदाब के साथ एक कमरे में रह रही थी। युवक वहां मजदूरी करता था। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच पहले से प्रेम संबंध था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वे लगभग दो वर्षों से संपर्क में थे। बरामदगी के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। नाबालिग ने कोर्ट में अपने माता-पिता के साथ जाने से इनकार कर दिया था। उस समय वह गर्भवती भी थी। कोर्ट के आदेश पर युवती को दरभंगा स्थित बृहद आश्रय गृह में रखा गया, जबकि आरोपी युवक न्यायिक हिरासत में है। पुलिस का कहना है कि मामले में डिजिटल साक्ष्यों सहित अन्य बिंदुओं पर जांच जारी है। 18 जुलाई को दिया था बच्ची को जन्म पुलिस के अनुसार, नाबालिग ने 18 जुलाई को सिंहवाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची को जन्म दिया था। इसके बाद वह अपनी नवजात के साथ आश्रय गृह में रह रही थी। जन्म के दो दिन बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी और इलाज के लिए उसे डीएमसीएच ले जाया गया। हालांकि,दूसरी बार तबीयत खराब होने पर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
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