पेशी न जाने पर युवक पर रॉड से हमला:सिर पर गंभीर चोट आई, आरोपी बब्बू यादव के खिलाफ मामला दर्ज
जीपीएम के पेंड्रा थाना क्षेत्र के डुमरखेरवा निवासी रामलाल कुल्हारिया पर ग्राम अंडी में हमला किया गया। न्यायालय की पेशी में न पहुंचने का कारण पूछने पर उनके सिर पर लोहे की रॉड से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, 45 वर्षीय रामलाल कुल्हारिया किसान हैं। यह घटना 21 जुलाई 2026 की रात लगभग 9:30 बजे की है, जब वे ग्राम अंडी स्थित बाबू गिर के घर पर बैठे थे। इसी दौरान बब्बू यादव उर्फ सुशील यादव वहाँ पहुँचा। पूर्व में बाबू गिर और उनकी पत्नी के खिलाफ लड़ाई-झगड़े और मारपीट का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसकी सुनवाई पेंड्रारोड न्यायालय में चल रही थी। बब्बू यादव ने इस मामले में समझौता कराने के नाम पर उन्हें न्यायालय ले जाने की बात कही थी, लेकिन तय दिन वह स्वयं न्यायालय नहीं पहुंचा। न्यायालय नहीं पहुंचने की बात पर शुरू हुआ विवाद जब रामलाल कुल्हारिया ने बब्बू यादव से न्यायालय न पहुंचने का कारण पूछा, तो बब्बू यादव उत्तेजित हो गया। उसने रामलाल को अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। बात बढ़ने पर आरोपी बब्बू यादव ने पास में रखी लोहे की रॉड उठा ली और रामलाल के सिर पर कई वार किए। बीच-बचाव के बाद थाने पहुंचा पीड़ित इससे रामलाल के सिर से खून बहने लगा। मौके पर मौजूद बाबू गिर ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। घटना के बाद पीड़ित रामलाल कुल्हारिया ने पेंड्रा थाने में आरोपी बब्बू यादव उर्फ सुशील यादव के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पत्नी पर बसुला से हमले के मामले में पति को 3 साल की सजा पेंड्रारोड प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने पत्नी पर लोहे के बसुला से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में आरोपी पति बुधराम उइके को दोषी ठहराया है। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 (भाग-2) के तहत उसे 3 साल के कठोर कारावास और 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी। यह घटना 12 अप्रैल 2025 को पेंड्रा थाना क्षेत्र में हुई थी। घरेलू विवाद के दौरान बुधराम उइके ने अपनी पत्नी चंद्रावती पर लोहे के बसुला से हमला कर दिया। उसने महिला के कंधे और पीठ के ऊपरी हिस्से पर वार किए। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी बाईं तरफ की 3 से 4 पसलियां टूट गईं। घटना के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिकायत के बाद आरोपी गिरफ्तार पीड़िता के दामाद खेलन सिंह ने पेंड्रा थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर 13 अप्रैल 2025 को आरोपी बुधराम उइके को गिरफ्तार कर लिया। 13 गवाह और FSL रिपोर्ट बनी अहम सबूत सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने अदालत में 13 गवाहों के बयान और FSL रिपोर्ट पेश की। जांच में जब्त किए गए बसुला पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि हुई, जिसे अदालत ने अहम सबूत माना। बचाव पक्ष की दलील नहीं मानी बचाव पक्ष ने कहा कि पीड़िता ने आरोपी को हमला करते हुए नहीं देखा और उसे झूठा फंसाया गया है। लेकिन अदालत ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर माना कि आरोपी ने धारदार हथियार से शरीर के संवेदनशील हिस्से पर हमला किया। इससे उसकी जान जा सकती थी। इसी आधार पर अदालत ने बुधराम उइके को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने पैरवी की।
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