बीडीके हॉस्पिटल में रोजाना 15 से 20 यूनिट खून की:एक यूनिट खून से बच रही तीन-तीन मरीजों की जान, हॉस्पिटल में उपलब्ध है 'ब्लड सेपरेशन' तकनीक,
राजकीय भगवान दास खेतान (बीडीके) अस्पताल में हर दिन औसतन 15 से 20 यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों, प्रसव के दौरान अत्यधिक खून बह जाने वाली प्रसूताओं और गंभीर रूप से खून की कमी (रक्त अल्पता) से जूझ रहे बच्चों व बुजुर्गों की जान बचाने के लिए यह रक्त बेहद जरूरी होता है। आपातकालीन स्थिति में यह खून मरीजों के लिए जीवन रक्षक दवा साबित हो रहा है। बीडीके ब्लड सेंटर स्थापित है ब्लड सेपरेशन’, एक यूनिट रक्त, कई जिंदगियां बीडीके अस्पताल का ब्लड बैंक पूरे जिले में एकमात्र ऐसा सरकारी ब्लड सेंटर है, जहां ‘ब्लड सैपरेशन’ (रक्त के विभिन्न घटकों को अलग करने) की आधुनिक सुविधा उपलब्ध है। इस तकनीक के आने से अब दान किए गए खून की एक-एक बूंद का पूरा इस्तेमाल होता है। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक ही रक्तदाता के खून से अलग-अलग बीमारियों से जूझ रहे तीन मरीजों की जान एक साथ बचाई जा सकती है। जब कोई जागरूक नागरिक यहां एक यूनिट रक्तदान करता है, तो आधुनिक मशीनों के जरिए उस खून को तीन मुख्य हिस्सों में बांट दिया जाता है। लाल रक्त कोशिकाएं (RBC): यह उन मरीजों को चढ़ाई जाती हैं जिनके शरीर में खून की भारी कमी (एनीमिया) होती है। प्लाज्मा: इसका उपयोग झुलसे हुए मरीजों या लिवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के इलाज में होता है। प्लेटलेट्स: डेंगू या कैंसर जैसी बीमारियों में जब मरीजों के प्लेटलेट्स तेजी से गिरते हैं, तब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
मरीजों के इलाज के साथ खुद खून भी दान करते हैं डॉक्टर्स
अस्पताल के पीएमओ एवं वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि यहां का स्टाफ केवल दवाइयों से ही मरीजों का इलाज नहीं करता, बल्कि जरूरत पड़ने पर खुद आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान भी करता है। डॉ. भाम्बू के अनुसार, अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दुष्यंत बसेरा, डॉ. विजय झाझड़िया, डॉ. संजय खीचड़ और डॉ. प्रमोद सहित कई स्वास्थ्यकर्मी समय-समय पर खुद रक्तदान कर समाज को जागरूक कर रहे हैं और ब्लड बैंक में खून की कमी नहीं होने देते।
आज ‘विश्व रक्तदाता दिवस’ पर लगेगा विशेष कैंप
आज विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर बीडीके अस्पताल के ब्लड बैंक में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर (ब्लड कैंप) का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक लगाया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर्स ने जिले के युवाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि अस्पताल पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान करें।
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