यमुनानगर का किसान-बैंक लोन विवाद:समाधान की आस में करनाल पहुंचा प्रतिनिधिमंडल, वार्ता विफल रही तो सोमवार से बैंक का शटर करेंगे बंद
यमुनानगर के विश्वकर्मा चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर 77 वर्षीय किसान मोहन सिंह के होम लोन मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन का धरनाआज शुक्रवार को भी जारी है। इस बीच किसान यूनियन का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करनाल में बैंक के सर्कल अधिकारियों से वार्ता के लिए रवाना हुआ, जबकि यमुनानगर में अन्य किसान बैंक के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठे रहे। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने बताया कि बैंक अधिकारियों ने किसान यूनियन को करनाल स्थित सर्कल हेड कार्यालय में बातचीत के लिए बुलाया है। प्रतिनिधिमंडल वार्ता में किसान मोहन सिंह के होम लोन का मानवीय आधार पर समाधान निकालने की मांग रखेगा। उन्होंने कहा कि यदि बातचीत में कोई सकारात्मक फैसला निकलता है तो आंदोलन उसी के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन यदि वार्ता बेनतीजा रहती है तो किसान आंदोलन को और तेज करेंगे। सोमवार से बैंक का शटर किया जाएगा बंद सुभाष गुर्जर ने कहा कि 13 जुलाई सोमवार से पंजाब नेशनल बैंक के बाहर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। जैसे ही बैंक खुलेगा, किसान बैंक का शटर बंद कर उस पर ताला लगा देंगे और बैंक का कामकाज नहीं चलने देंगे। उन्होंने कहा कि बैंक के बाहर ही किसानों का धरना जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को बैंक के बाहर मंडल स्तरीय किसान महापंचायत भी आयोजित की जाएगी। इसमें अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिलों के किसान पदाधिकारी शामिल होंगे। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष भी महापंचायत में मौजूद रहेंगे और आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा करेंगे। 15-15 किसानों की जिम्मेदारी तय उन्होंने बताया कि वार्ता के परिणाम आने तक धरना प्रतिदिन पहले की तरह जारी रहेगा। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किसान बैंक के बाहर डटे रहेंगे। इसके लिए किसानों की ड्यूटी भी लगाई गई है और प्रतिदिन 15-15 किसानों की जिम्मेदारी तय की गई है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार यदि समाधान नहीं हुआ तो बैंक का शटर बंद कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। गौरतलब है कि किसान 77 वर्षीय मोहन सिंह के होम लोन के मामले को लेकर पिछले कई दिनों से पंजाब नेशनल बैंक के बाहर धरना दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि मोहन सिंह के दोनों बेटों की मौत हो चुकी है और परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। ऐसे में बैंक को मानवीय आधार पर लोन का समाधान करना चाहिए, लेकिन इसके बजाय लगातार रिकवरी का दबाव बनाया जा रहा है। इसी मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन आंदोलन चला रही है।
Source link

