हिसार भाजपा में अंदरूनी खींचतान की चर्चा:पोस्टर से पूर्व मंत्री और जिलाध्यक्ष के नाम-तस्वीर गायब; कल विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम

हिसार भाजपा में अंदरूनी खींचतान की चर्चा:पोस्टर से पूर्व मंत्री और जिलाध्यक्ष के नाम-तस्वीर गायब; कल विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम




हिसार भाजपा की ओर से शहर के सेक्टर-14 स्थित पंजाबी भवन में रविवार (16 अगस्त) को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम से पहले पार्टी के भीतर ही बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। कार्यक्रम के प्रचार और आमंत्रण के लिए जारी आधिकारिक पोस्टर से हिसार भाजपा के 2 सबसे बड़े चेहरों पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता और वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ का नाम व फोटो पूरी तरह गायब हैं। पोस्टर के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शहर के राजनीतिक हलकों और भाजपा संगठन के अंदरूनी खानों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पार्टी के प्रोटोकॉल के अनुसार जिले के पार्टी कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष का नाम निमंत्रण पत्र और पोस्टर पर लिखा होना चाहिए। न्योता तक नहीं भेजा, प्रोटोकॉल पर उठे सवाल पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार, दोनों वरिष्ठ नेताओं को कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से औपचारिक निमंत्रण तक नहीं भेजा गया है, जिसके चलते दोनों वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रम में शामिल होने पर सस्पेंस बना हुआ है। वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि विभाजन विभीषिका जैसा विषय देश के इतिहास और लाखों विस्थापित परिवारों की पीड़ा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। ऐसे पार्टी बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय पूर्व मंत्री और जिलाध्यक्ष जैसे संगठनात्मक पदों पर बैठे नेताओं को न बुलाना संगठनात्मक मर्यादा और प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। पोस्टर में इन नेताओं को मिली जगह मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा, अध्यक्षता प्रवीण पोपली मेयर, अति विशिष्ट अतिथि मनीष ग्रोवर (पूर्व मंत्री), विशिष्ट अतिथि सावित्री जिंदल (विधायक, हिसार), विनोद भयाना विधायक हांसी, भव्य बिश्नोई पूर्व विधायक, रणधीर पनिहार विधायक, नलवा। पोस्टर पर नाम गायब होने से उठ रहे ये सवाल जिला स्तर का इतना बड़ा कार्यक्रम बिना जिलाध्यक्ष की सहमति या जानकारी के तय कैसे हुआ?, क्या हिसार भाजपा में चल रही अंदरूनी गुटबाजी अब सार्वजनिक मंचों पर पोस्टरों के जरिए बाहर आने लगी है?, डॉ. कमल गुप्ता वर्षों से हिसार भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं। स्थानीय विधायक सावित्री जिंदल और अन्य नेताओं के नाम पोस्टर में हैं, लेकिन पूर्व मंत्री का नाम न होना कई सवाल खड़े करता है। इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल आयोजकों या जिला संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। हालांकि, आम कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है।



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