School Chalo Abhiyan Launch: UP Education 2026

School Chalo Abhiyan Launch: UP Education 2026


दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नए शैक्षिक सत्र 2026-27 का बिगुल बज चुका है। बुधवार को ‘स्कूल चलो अभियान’ के भव्य आगाज के साथ ही परिषदीय विद्यालयों में रौनक लौट आई। बच्चों के शोर और हाथ में थमी तख्तियों ने यह संदेश दिया कि अब कोई भी बच्चा घर की चारदीवारी में कैद नहीं रहेगा।

ब्लॉक प्रमुख कोमल सिंह सेंगर, बीडीओ शिवनरेश राजपूत और खंड शिक्षा अधिकारी सत्य प्रकाश ने हरी झंडी दिखाकर इस संकल्प यात्रा को रवाना किया। यह अभियान उन अभिभावकों की सोच बदलने की कोशिश है, जो अब भी बच्चों को स्कूल भेजने में झिझकते हैं।

गांव-गांव पहुंचेगी ‘नॉलेज वैन’, बदलेगी सरकारी स्कूलों की तस्वीर

अभियान को धार देने के लिए विशेष ‘स्कूल चलो वैन’ तैयार की गई है। पतारा विकास खंड के गांवों में घूम-घूमकर यह वैन अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं के प्रति जागरूक करेगी।

शिक्षकों की टोली घर-घर जाकर यह समझा रही है कि सरकारी स्कूलों में न केवल मुफ्त किताबें और यूनिफॉर्म मिलती है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अब डिजिटल संसाधन और बेहतर माहौल भी उपलब्ध है। इसका मकसद उन माता-पिता को प्रेरित करना है जो आर्थिक तंगी या जानकारी के अभाव में बच्चों को घर पर ही रखते हैं।

3 साल की उम्र से ही शुरू होगा पढ़ाई का सफर

शिक्षा विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को काफी सरल और उम्र के हिसाब से तय किया है। 3 साल की उम्र पूरी करने वाले बच्चों का पंजीकरण आंगनबाड़ी में किया जाएगा, जबकि 6 साल के बच्चों को सीधे कक्षा-1 में प्रवेश मिलेगा।

प्रशासन का सबसे ज्यादा जोर उन बच्चों पर है जो किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ चुके हैं। 7 से 14 साल की उम्र के ऐसे ‘ड्रॉपआउट’ बच्चों को खोजने के लिए शिक्षक गांव-गांव सर्वे करेंगे। खासकर बालिकाओं की शिक्षा को लेकर विशेष फोकस रखा गया है, ताकि समाज में साक्षरता का ग्राफ ऊपर जा सके।

ट्रांजिशन पर नजर, स्कूल न छोड़ें बच्चे इस बार विभाग का कड़ा निर्देश है कि कक्षा 5 पास करने वाले हर बच्चे का दाखिला कक्षा 6 में और 8वीं उत्तीर्ण बच्चों का प्रवेश कक्षा 9 में सुनिश्चित किया जाए। रैली और वैन के जरिए यह संदेश फैलाया जा रहा है कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर और सुविधाएं अब निजी स्कूलों को टक्कर दे रही हैं।

मुफ्त जूते-मोजे, बैग और पौष्टिक मिड-डे मील जैसी सुविधाओं का लाभ बताकर अभिभावकों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि इस बार नामांकन की संख्या पिछले साल की तुलना में नया कीर्तिमान स्थापित करे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!