40 साल पुराने चोरी-मारपीट मामले में फैसला:प्रतापगढ़ में 2 दोषियों को 5 साल की जेल, 5 आरोपियों की मौत
प्रतापगढ़ जनपद के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के मालाधर छत्ता गांव में 1986 में हुई चोरी और मारपीट के एक मामले में अदालत ने करीब 40 साल बाद फैसला सुनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विराट मणि त्रिपाठी की अदालत ने दो दोषियों छोटे लाल और बंशी को 5-5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह घटना 31 अगस्त 1986 की रात की है। चोरों ने आधी रात एक घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। घरवालों के जागने पर आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी और फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में वादी की तहरीर पर लालगंज कोतवाली में चोरी और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने नवंबर 1986 में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। हालांकि, मुकदमे की लंबी सुनवाई के दौरान पांच आरोपी पुच्चू उर्फ गिरजा, कल्लू, अयोध्या, मोतीलाल और दयाराम की मृत्यु हो गई। अंततः, शेष दो आरोपियों छोटे लाल और बंशी को दोषी करार देते हुए अदालत ने सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। इस फैसले के साथ ही चार दशक पुराने इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो सकी।
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