हिमाचल पंचायत चुनाव: सास-ससुर ने सरकारी जमीन पर अतिक्रिमण किया:तो बहू भी चुनाव नहीं लड़ पाएगी, सरकार ने पंचायतीराज एक्ट में किया संशोधन

हिमाचल पंचायत चुनाव: सास-ससुर ने सरकारी जमीन पर अतिक्रिमण किया:तो बहू भी चुनाव नहीं लड़ पाएगी, सरकार ने पंचायतीराज एक्ट में किया संशोधन




हिमाचल प्रदेश में सास-ससुर ने यदि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया है तो उस परिवार की बहू भी पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएगी। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से एक दिन पहले राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने हिमाचल में पंचायत राज अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। पूर्व में पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 122 में परिवार की परिभाषा में दादा-दादी, माता-पिता, पति-पत्नी, बेटा-बेटी और अविवाहित बेटी का जिक्र था, मगर बहू का उल्लेख नहीं था। इस वजह से बहू चुनाव लड़ने के लिए योग्य थी। साल 2020 के चुनाव में भी एक्ट बदलने की मांग उठी साल 2020 के पंचायत चुनाव में भी इलेक्शन कमीशन ने सरकार से परिवार की परिभाषा बदलने का आग्रह किया था, ताकि अतिक्रमण करने वाले परिवार की बहू भी चुनाव न लड़ सके। मगर उस दौरान कोरोना और कम समय के कारण परिवार की परिभाषा को नहीं बदला जा सका। सरकार ने एक्ट की धारा 122 में संशोधन किया इस बार सरकार ने एक्ट की धारा 122 में संशोधन करके परिवार की परिभाषा को बदल डाला है। अब अतिक्रमण करने वाले परिवार की बहू भी पंचायत चुनाव लड़ने को अपात्र हो गई है। चुनाव लड़ने की इच्छुक महिलाओं को झटका हिमाचल की 3758 पंचायतों में कल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए 7, 8 और 11 मई को नामांकन भरे जाएंगे। ऐसे में नॉमिनेशन के एक दिन पहले संशोधन विधेयक को मंजूरी ने उन महिलाओं (बहू) को झटका दिया है जो चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!