कीर्तिवर्धन सिंह बोले- बिल भुगतान से ही मजबूत होगी व्यवस्था:केंद्रीय मंत्री बोले- गर्मी में बिजली की मांग बढ़ जाती है, व्यवस्था पर दबाव आता है
गोंडा जिले में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और बढ़ती समस्याओं के बीच केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया ने मंगलवार को मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि गर्मी में बिजली की मांग बढ़ जाती है, जिससे व्यवस्था पर दबाव आता है। मंत्री ने बिजली बिलों का भुगतान करने पर जोर दिया, ताकि बिजली व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। मंत्री ने हाल ही में आई आंधी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने सुबह ही बिजली अधिकारियों से बात की है। निर्देश दिए गए हैं कि जंगल बेल्ट, नवाबगंज और तरबगंज जैसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द मरम्मत वाले ट्रांसफार्मर भिजवाए जाएं। कीर्तिवर्धन सिंह ने बिजली की बढ़ती मांग पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मांग इसलिए बढ़ रही है क्योंकि अब लोगों को पहले से बेहतर बिजली मिल रही है। उन्होंने बताया कि पहले एक हफ्ते में 4 घंटे रात में और अगले हफ्ते 4 घंटे दिन में बिजली मिलती थी, जबकि अब व्यवस्था में सुधार हुआ है। मंत्री ने जनता से हाथ जोड़कर निवेदन किया कि वे अपने बिजली बिलों का भुगतान करें। उन्होंने कहा, “उसी पैसे से हम लोग बिजली की व्यवस्था को और मजबूत कर पाएंगे।” उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि छोटे-छोटे बिलों का भी भुगतान नहीं होता है, जिससे विभाग की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है। कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि उनकी इच्छा है कि क्षेत्र में 24 घंटे बिजली मिले, वोल्टेज अच्छा हो और नई लाइनें बिछाई जाएं। उन्होंने अपने क्षेत्र में 132 केवीए के तीन विद्युत गृह स्थापित करने का भी उल्लेख किया, जो बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए किए गए प्रयासों को दर्शाता है। विदेश राज्य मंत्री ने आगे मीडिया से बात करते हुए कहा कि अपने क्षेत्र में हम गोंडा लोकसभा की बात कर रहे हैं इसीलिए कि जहां दूर-दूर से बिजली आती थी तार लंबे तार होते थे, वोल्टेज नहीं पहुँचता था कट जाते थे। लेकिन भाई हमारा जो यह हमारा परिवार है कम से कम वो भी तो अपनी एक दायित्व है। जो यह सरकार इसी पैसे से तो बिजली विभाग आगे-आगे गया या हम क्या दूसरे-दूसरे के सामने हाथ फैलाएँ कि भैया पैसा दे दो। तो क्यों कटौती की जाती है अब इसको आप लोग समझिए कम से कम। है ना कभी तार बदले जा रहे हैं कभी ट्रांसफार्मर लग रहा है। कोई निश्चित तौर से तो यह नहीं कि इतने बजे इतने बजे कटौती होगी ही। है ना रोस्टरिंग थोड़ी बहुत है क्योंकि यह गर्मी का मौसम है इसमें थोड़ा वो होगा। लेकिन ओवरलोडिंग हो जाती है लेकिन जो लोग एसी लगाए हैं,चार-चार एसी लगाए हैं। जब वो बिल नहीं अपना देंगे तो हम लोग कैसे समस्या का समाधान करें यह भी एक कहने की सोचने की बात है। आप लोगों की बहुत बड़ी एक पहुंच है जनता में आप लोग भी अपनी तरफ से एक निवेदन कर लीजिए भाई। है ना क्योंकि जब हम लोग जाते हैं समस्याओं को लेकर तो हमें तो यही सुनना पड़ता है या आपके प्रतिनिधि को यही सुनना पड़ता है। है ना और शर्म लगती है है ना कि यह देखिए 80 प्रतिशत भुगतान नहीं है, 90 प्रतिशत भुगतान नहीं है तो क्या करें हम कैसे किस बल पे हम लड़ें सबसे।
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