5 करोड़ से बदलेगी सनसेट पॉइंट सूली डूंगर की सूरत:आयुक्त लजपाल सिंह बोले- कैफे, दुकानें, मंच, पार्किंग और गार्डन बनेंगे

5 करोड़ से बदलेगी सनसेट पॉइंट सूली डूंगर की सूरत:आयुक्त लजपाल सिंह बोले- कैफे, दुकानें, मंच, पार्किंग और गार्डन बनेंगे




विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी विशेष पहचान रखने वाली स्वर्णनगरी जैसलमेर में पर्यटन को नई उड़ान देने की तैयारी धरातल पर शुरू हो चुकी है। शहर के नजदीक स्थित ऐतिहासिक सूली डूंगर सनसेट पॉइंट का 5 करोड़ रुपए की लागत से कायाकल्प किया जा रहा है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निर्माण कार्य भी तेजी से शुरू हो गया है। यह ऐतिहासिक स्थल अब पूरी तरह से नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आएगा। नगरपरिषद ने इस स्थान को प्रसिद्ध ‘मॉल रोड’ की तर्ज पर विकसित करने की अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार रही यह पहाड़ी कभी रात के समय शराबी और असामाजिक तत्वों का सुरक्षित अड्डा बन चुकी थी। पूरी पहाड़ी पर गंदगी, टूटी कांच की बोतलें और असुरक्षा का माहौल रहने के कारण विदेशी पर्यटकों ने यहां आना लगभग बंद कर दिया था। लेकिन अब इस पूरी तस्वीर को बदलते हुए, मौके पर जेसीबी और निर्माण मशीनों के साथ इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस एक व्यवस्थित और सुरक्षित टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में ढालने का काम युद्धस्तर पर जारी है। पीपीपी मोड पर हुआ टेंडर, परिषद को हर साल 38.50 लाख की आय इस बड़े प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि नगरपरिषद इस पूरे निर्माण कार्य को अपने स्तर पर करवा रही है, लेकिन इसके बेहतर संचालन और नियमित रखरखाव के लिए इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर एक निजी कंपनी को लीज पर दे दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया के बाद हुए अनुबंध के तहत, संबंधित ठेकेदार नगरपरिषद को हर साल 38 लाख 50 हजार रुपए का राजस्व देगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि नगरपरिषद को बिना किसी अतिरिक्त मासिक खर्च या जनशक्ति के हर साल एक बड़ी और बंपर आय प्राप्त होगी, जिसका उपयोग शहर के अन्य विकास कार्यों में किया जा सकेगा। वहीं दूसरी ओर, निजी कंपनी की देखरेख के कारण पर्यटकों को भी विश्वस्तरीय और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। सूली डूंगर में क्या-क्या खास बनेगा कुछ साल पहले तक सूली डूंगर विदेशी और देसी पर्यटकों के लिए सूर्यास्त देखने का सबसे पसंदीदा स्थल हुआ करता था। जो सैलानी समय की कमी या अन्य कारणों से सम के रेतीले धोरों तक नहीं पहुंच पाते थे, वे यहीं से डूबते सूरज का अद्भुत नजारा देखते थे। अब इसे वापस वही पहचान दिलाने के लिए मौके पर विकास कार्य शुरू हो चुके हैं: 10 आधुनिक दुकानें और कैफे: पहाड़ी पर 10 आलीशान आधुनिक दुकानें बनाई जा रही हैं, जहां सैलानियों को राजस्थानी हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और स्मृति चिन्ह (सोवेनियर) मिल सकेंगे। इसके साथ ही एक शानदार कैफेटेरिया भी विकसित किया जा रहा है, जहां पर्यटक चाय, कॉफी और स्नैक्स के साथ सूर्यास्त का आनंद ले सकेंगे। कलाकारों के लिए सांस्कृतिक मंच: स्थानीय लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष चबूतरा (ओपन थियेटर मंच) बनाया जा रहा है। यहां जैसलमेर के लोक कलाकार अपनी अनूठी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का मनोरंजन कर सकेंगे, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा। सुरक्षा और जैसलमेरी फर्श: असामाजिक तत्वों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए पूरी पहाड़ी के चारों तरफ जैसलमेरी पीले पत्थर से एक मजबूत और ऊंची चारदीवारी का निर्माण किया जा रहा है। पूरे क्षेत्र में जैसलमेरी पत्थर की खूबसूरत दाबड़ियों से फर्श तैयार होगा और सुरक्षित आवाजाही के लिए सीसी रोड व आधुनिक पाथवे का काम शुरू हो गया है। पार्किंग, लाइटिंग व ग्रीन कवर: वाहनों की बढ़ती संख्या और जाम की समस्या से निपटने के लिए एक व्यवस्थित पार्किंग स्पेस तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, रात के समय पूरी पहाड़ी रोशनी से जगमगाए, इसके लिए आकर्षक लाइटिंग की जाएगी। पर्यटकों के बैठने की विशेष व्यवस्था के साथ-साथ प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताने के लिए एक सुंदर गार्डन और ‘ग्रीन कवर’ भी विकसित किया जा रहा है। आगामी पर्यटन सीजन से पहले तैयार हो जाएगा नया डेस्टिनेशन लजपालसिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगरपरिषद बोले- रनगरपरिषद के मास्टर प्लान के अनुसार, सिर्फ सनसेट पाइंट ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े सनराइज पॉइंट सहित पूरी पहाड़ी का एकीकृत विकास किया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा कार्यादेश मिलते ही धरातल पर पत्थर तराशने और ढलाई का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट को आगामी पर्यटन सीजन की शुरुआत से पहले पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि इस बार आने वाले देशी-विदेशी सैलानी इस नए आकर्षण का भरपूर आनंद उठा सकें। ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं के अनूठे मेल से तैयार हो रहा सूली डूंगर आने वाले समय में जैसलमेर पर्यटन की एक नई और बुलंद पहचान बनेगा। नगरपरिषद की यह अनूठी पहल न केवल स्वर्णनगरी की खूबसूरती को चार चांद लगाएगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और राजस्व के कई नए अवसर भी पैदा करेगी।



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