नानी की डांट से डरा, घर से भागा बालक:सनावद पुलिस ने 6 टीमें लगाकर 24 घंटे के अंदर खोजा; नर्मदा घाट से दस्तयाब
खरगोन जिले के सनावद में लापता हुए 11 वर्षीय बालक को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुरक्षित ढूंढ निकाला है। बकरी चराने गया बालक अपनी नानी की डांट के डर से घर से भाग गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपहरण का केस दर्ज कर 6 अलग-अलग टीमें बनाईं और सोमवार रात उसे नर्मदा किनारे नावघाट खेड़ी से खोजकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के अनुसार, रविवार रात को सनावद निवासी कस्तुरीबाई ने अपने 11 वर्षीय नाती कृष्ण के लापता होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया कि कृष्ण दिन में बकरी चराने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। 6 टीमों ने खंगाले CCTV, बड़वाह की तरफ दिखा
सनावद थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि बालक की तलाश के लिए तत्काल 6 पुलिस टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने बालक की फोटो के साथ संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। जब क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो बालक बड़वाह की ओर जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद बड़वाह और खेड़ी घाट क्षेत्र में पुलिस ने सघन सर्चिंग शुरू की। साइकिल खराब होने पर डर से चला गया था आश्रम
तलाशी के दौरान पुलिस को बालक के नावघाट खेड़ी पर होने की पुख्ता सूचना मिली। एडिशनल एसपी शकुंतला रुहल ने बताया कि बच्चे के मिलने के बाद जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि बकरी चराने के दौरान उसके दोस्त गोविंद की साइकिल खराब हो गई थी। उसे डर था कि नानी इस बात पर बहुत डांटेंगी। इसी डर के कारण वह बस में बैठकर नावघाट खेड़ी स्थित नर्मदा आश्रम चला गया और वहीं रात बिताई। पूर्व में हुई बलि की घटना से अलर्ट थी पुलिस
पुलिस ने बच्चे के लापता होने के इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया था। दरअसल, सनावद क्षेत्र में करीब छह माह पहले एक बालक के अपहरण और बलि दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आ चुका था। इसी पुरानी घटना को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बिना कोई देरी किए तुरंत टीमें लगाकर बच्चे को सुरक्षित खोज निकाला।
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