सील बिल्डिंग अब तीन दिन में होंगी डी-सील:फायर सेफ्टी उपकरण नहीं लगाने पर 50 हजार देना होगा जुर्माना; डीएलबी ने जारी किए आदेश

सील बिल्डिंग अब तीन दिन में होंगी डी-सील:फायर सेफ्टी उपकरण नहीं लगाने पर 50 हजार देना होगा जुर्माना; डीएलबी ने जारी किए आदेश




फायर सेफ्टी उपकरण नहीं होने पर सील हुई बिल्डिंगों को राज्य सरकार ने राहत दी है। सरकार ने आदेश जारी करके ऐसी बिल्डिंग को जिन्हें नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका) ने फायर एनओसी या फायर उपकरण नहीं होने पर सील कर रखा है। इन्हें तीन दिन में डी-सील किया जा सकेगा। स्वायत्त शासन निदेशालय (डीएलबी) ने तीन दिन पहले आदेश जारी करके ऐसे भवनों को छूट दी है। दरअसल पिछले कुछ समय से प्रदेश के कई बड़े शहरों में रेस्टोरेंट, होटल समेत अन्य कॉमर्शियल एक्टिविटी वाले भवनों को सील किया। इनमें न तो फायर सेफ्टी उपकरण थे और न उनके पास फायर एनओसी। भवन मालिक को अपने भवन में फायर सेफ्टी उपकरण लगवा कर उसका नगरीय निकाय की फायर सेफ्टी विंग से निरीक्षण करवाना होगा। अगर 30 दिन में फायर सेफ्टी नहीं लगवाए जाते तो निकाय उस भवन को दोबारा सील कर सकेगी। दिल्ली में हुई आगजनी की घटना के बाद के बाद पिछले दिनों राजधानी जयपुर में कुछ बडे़ रेस्टोरेंट, क्लब, बार आदि सील किए गए। फायर एनओसी और पर्याप्त फायर फाइटिंग उपकरण नहीं होने के कारण इन्हें सील किया गया। 30 दिन में लगाना होगा फायर फाइटिंग सिस्टम डी-सील की अवधि 30 दिन की होगी। 30 दिन तक भवन मालिक अपने भवन में फायर सेफ्टी उपकरण लगवा कर उसका नगरीय निकाय की फायर सेफ्टी विंग से निरीक्षण करवाएगा। अगर 30 दिन में फायर सेफ्टी नहीं लगवाए जाते तो निकाय उस भवन को दोबारा सील करेगी। कॉमर्शियल गतिविधियों पर रहेगी रोक राज्य सरकार के आदेशों में डी-सील की अवधि के दौरान रेस्टोरेंट, क्लब, होटल, बार इत्यादि में कॉमर्शियल एक्टिविटी पर रोक रहेगी। इस दौरान अगर किसी भवन में कॉमर्शियल एक्टिविटी होती मिली, तो उसे तुरंत सील करने की कार्रवाई की जाएगी। 30 दिन में सभी फायर सेफ्टी उपकरण लगाने, उसका इंस्पेक्शन (जांच) करवाकर फायर एनओसी जारी करवाने के बाद ही कॉमर्शियल गतिविधि शुरू की जा सकेगी।



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