नवादा में भरत तिवारी एनकाउंटर पर विरोध:CM सम्राट चौधरी मुर्दाबाद के नारे लगे, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठी
नवादा जिले में युवा सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत के विरोध में एक कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च नगर थाना के पास से शुरू होकर भगत सिंह चौक पर समाप्त हुआ। इसमें सैकड़ों युवाओं और स्थानीय लोगों ने सरकार तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ “सम्राट चौधरी मुर्दाबाद” के नारे लगाए। मार्च के दौरान “न्याय दो भरत तिवारी को न्याय दो” और “भ्रष्टाचार मुर्दाबाद” जैसे नारे गूंजते रहे। युवाओं का एक बड़ा समूह बैनरों के साथ सड़कों पर उतरा। व्यवस्था की नाकामी को छिपाने का प्रयास प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी भ्रष्टाचार और सिस्टम की खामियों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, जिसके कारण उन्हें जानबूझकर गोली मारकर मार दिया गया। युवाओं ने दावा किया कि भरत तिवारी का एनकाउंटर फर्जी था और यह व्यवस्था की नाकामी को छिपाने का प्रयास है। दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की कैंडल मार्च में शामिल युवाओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा न्यायिक जांच के आदेश के बावजूद, लोग आक्रोशित हैं और पूर्ण न्याय की मांग कर रहे हैं। भरत तिवारी की मौत के बाद बिहार के विभिन्न जिलों में भी ऐसे विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। नवादा का यह मार्च युवाओं के बढ़ते आक्रोश को दर्शाता है। परिवार और समर्थकों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, फिर भी उन पर गोलियां चलाई गईं।
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