हाईकोर्ट ने प्रदूषण पर जताई नाराजगी:डाइंग-प्रिंटिंग इकाइयों पर तत्काल कार्रवाई के दिए निर्देश, 14 जुलाई तक पेश करनी होगी अनुपालना रिपोर्ट
जोधपुर शहर में अवैध डाइंग और प्रिंटिंग इकाइयों से फैल रहे प्रदूषण को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। कोर्ट ने इस मामले में अनुपालना रिपोर्ट तलब की है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने अधिकारियों से पूछा कि जब विभागों ने स्वयं कार्रवाई के आदेश जारी किए थे, तो उनका पालन अब तक क्यों नहीं किया गया। लोगों के स्वास्थ्य को लेकर खतरा याचिकाकर्ता शैलेंद्र भंडारी की ओर से दायर याचिका में बताया गया है कि शहर की कई आवासीय कॉलोनियों में अवैध रूप से डाइंग-प्रिंटिंग का काम चल रहा है। इन इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषित पानी खुले में छोड़ा जा रहा है, जिससे पर्यावरण और आम लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि राज्य सरकार को 24 मार्च और 6 अप्रैल को जवाब दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। हालांकि, 7 जुलाई तक न तो कोई जवाब पेश किया गया और न ही कार्रवाई की जानकारी दी गई। खंडपीठ ने कहा कि संबंधित विभागों ने 24 और 28 अक्टूबर 2025 को जारी अपने ही आदेशों का पालन नहीं किया। 14 जुलाई तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश इस पर कोर्ट ने सभी संबंधित अधिकारियों को उक्त आदेशों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही, इसकी अनुपालना रिपोर्ट 14 जुलाई 2026 तक कोर्ट में पेश करने के लिए कहा गया है।
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