Rajasthan SI Paper Leak | Nagesh Yadav Arrested, 7.50 Lakh Questions Purchased
एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने लंबे समय से फरार चल रहे सहायक लेखाधिकारी नागेश कुमार यादव (32) को गिरफ्तार किया है। एडीजी एसओजी पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ
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जांच में सामने आया कि कुंदन कुमार पडिया ने तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा से एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के प्रश्नपत्र और उत्तर प्राप्त कर अपने परिचित संदीप कुमार लाटा और पुरुषोत्तम दाधीच को उपलब्ध करवाए थे। उस समय पुरुषोत्तम दाधीच स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग, उदयपुर में सहायक लेखाधिकारी द्वितीय के पद पर कार्यरत था।
भाई को परीक्षा में फायदा पहुंचाने के लिए किया सौदा
एडीजी एसओजी ने बताया कि पुरुषोत्तम दाधीच और नागेश कुमार यादव एक ही विभाग में कार्यरत होने के कारण परिचित थे। जांच के अनुसार नागेश कुमार यादव ने अपने भाई सुरजीत सिंह यादव को उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में लाभ दिलाने के उद्देश्य से 7.50 लाख रुपए में सौदा कर पुरुषोत्तम दाधीच से परीक्षा के प्रश्नोत्तर सेट हासिल किए थे। यह सामग्री व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई थी।
लीक पेपर पढ़कर परीक्षा दी, मेरिट में 18वां स्थान हासिल किया
एसओजी के अनुसार नागेश कुमार यादव ने परीक्षा से पहले अपने भाई सुरजीत सिंह यादव को प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए। इसके परिणामस्वरूप सुरजीत ने हिंदी विषय में 200 में से 190.79 अंक और सामान्य ज्ञान में 200 में से 158.27 अंक प्राप्त किए और मेरिट सूची में 18वां स्थान हासिल कर उपनिरीक्षक पद पर अंतिम रूप से चयनित हो गया।
पहले हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
मामले में सुरजीत सिंह यादव को 9 अक्टूबर 2024 को औक पुरुषोत्तम दाधीच को 2 जून 2025 को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र भी प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
सीकर पुलिस के सहयोग से हुई गिरफ्तारी
नागेश कुमार यादव उस समय पंचायत समिति अजीतगढ़, जिला सीकर में सहायक लेखाधिकारी द्वितीय के पद पर कार्यरत था। घटना के बाद वह ड्यूटी से अनुपस्थित होकर फरार हो गया था। एसओजी ने सीकर पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया है।
144 आरोपी गिरफ्तार, जांच अभी भी जारी
एसओजी के अनुसार उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में अब तक कुल 144 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच लगातार जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

