RTO ई-चालान, 18 बैंक की फर्जी फाइलों से करोड़ों ठगे:जामताड़ा गैंग के 3 गिरफ्तार, सूरत से 2 और मुख्य आरोपी बंगाल में ट्रेन से पकड़ाया

RTO ई-चालान, 18 बैंक की फर्जी फाइलों से करोड़ों ठगे:जामताड़ा गैंग के 3 गिरफ्तार, सूरत से 2 और मुख्य आरोपी बंगाल में ट्रेन से पकड़ाया




आरटीओ ई-चालान तथा 18 बैंकों की फर्जी एपीके फाइलें बनाकर देशभर में लाखों लोगों से करोड़ों रुपए ठगने वाले जामताड़ा गैंग के 3 सदस्यों को अहमदाबाद साइबर क्राइम टीम ने गिरफ्तार किया है। इनमें से एक एपीके फाइल बनाने वाला 10वीं फेल डेवलपर है, जबकि 5वीं और 8वीं फेल 2 आरोपी एपीके फाइलों की मार्केटिंग कर कमीशन पर बेचते थे। 10 महीनों से चल रहे इस घोटाले में आरोपी हर महीने 400 एपीके फाइलें बनाकर बेचने पर ₹40-50 लाख कमाता था। एपीके फाइल डेवलपर की गिरफ्तारी का यह अहमदाबाद का पहला मामला है। साबरमती गैस लि. के फर्जी बिल से ₹6.68 लाख उड़ाए हांसोट निवासी नरेश सेनानी को ‘साबरमती गैस का बिल अपडेट’ एपीके फाइल भेजकर ₹6.68 लाख ठगे। आरोपियों ने सूरत के एटीएम से पैसे निकाले, इसकी जानकारी पर साइबर क्राइम टीम ने सूरत से विकास दास (33 वर्ष) और सीताराम मंडल (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि वे ~3000 कमीशन लेकर एपीके फाइलें बेचते थे, जो जामताड़ा का पूर्णानंद तिवारी (28 वर्ष) बनाकर बेचने को देता था। पुलिस ने पूर्णानंद को पश्चिम बंगाल के किशनगढ़ में चलती ट्रेन से गिरफ्तार किया। APK डेवलपर गिरफ्तारी का अहमदाबाद में पहला मामला एपीके फाइल डाउनलोड करते ही पूरा मोबाइल फोन हैक हो जाता है और उसका एक्सेस साइबर ठगों के पास पहुंच जाता है। इसके बाद फोन के कॉन्टैक्ट्स, मैसेंजर, व्हाट्सऐप, गैलरी और सभी ऐप्स का एक्सेस हैकर के पास पहुंच जाता है। फिर वे फोन में मौजूद बैंकिंग जानकारी के आधार पर कुछ ही मिनटों में खाते को खाली कर देते हैं।



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