अधिकमास परिक्रमा में रिश्ते हो रहे मजबूत:थकी जेठानी के देवरानी ने दबाए पैर, 06 साल से मां के साथ परिक्रमा आने वाली तमन्ना दो बच्चों के साथ आई परिक्रमा में

अधिकमास परिक्रमा में रिश्ते हो रहे मजबूत:थकी जेठानी के देवरानी ने दबाए पैर, 06 साल से मां के साथ परिक्रमा आने वाली तमन्ना दो बच्चों के साथ आई परिक्रमा में




आज मंगलवार को अधिकमास परिक्रमा का दूसरा दिन था। सुबह छह बजे परिक्रमा में शामिल लोग जोधपुर रोड कृषि मंडी के लिए रवाना हो गए। रास्ते में आने वाले मंदिरों के दर्शन करते हुए कृषि मंडी तरफ पहुंचे। रास्ते में जगह-जगह परिक्रमा में शामिल लोगों के मनुहार के लिए विभिन्न समाजिक संगठनों और समाज के लोग टेंट लगाए खड़े नजर आए। कोई ठंडे पानी की मनुहार कर रहा था तो कोई शिकंजी की तो कोई बिस्किट, टॉफी लिए खड़े नजर आया। सुबह करीब 11 बजे तक परिक्रमा कृषि मंडी पहुंच गए। तेज धूप में करीब 15 किलोमीटर का सफर तय कर लोग थक चुके थे। कोई टेंट के नीचे तो कोई पेड़ की छाव में तो कोई टीन शेड के नीचे यहां आराम करता नजर आया। विभिन्न समाजिक संगठनों और समाज की ओर से परिक्रमा में शामिल लोगों के लिए यहां ठंडे पानी की व्यवस्था कर रखी थी। जेठानी के पैर दबाते नजर आई देवरानी
शहर के मानपुरा भाकरी क्षेत्र की रहने वाली सुनीता-इंद्रा (देवरानी-जेठानी) परिवार के करीब 20 सदस्यों के साथ अधिकमास परिक्रमा में शामिल हुई। जेठानी इंद्रादेवी ने बताया कि वह पहली बार परिक्रमा में शामिल हुई। मंगलवार को करीब 15 KM की यात्रा करने से थक गई। जैसे ही कृषि मंडी पहुंची। ठंडा पानी पिया और टेंट के नीचे बैठकर खुद के पैर दबाने लगी ताकि दर्द कम हो सके। यह देख मेरे रिश्ते की देवरानी सुनीता बोली कि आप सो जाओ मैं आपके पैर दबा देती हूं आपको आराम मिलेगा। उसके यह शब्द सून एक बार तो मेरी आंखें भर गई क्योंकि सुनीता मेरी सगी देवरानी नहीं है फिर भी उसे मेरी इतनी फ्रिक है। यह परिक्रमा में आने के बाद ही पता चला। मैं कुछ समझती इससे पहले वह मेरे पैर दबाने लग गई। सच में यह परिक्रमा को रिश्तों में मिठास लाने का काम करती है। परिक्रमा में शामिल होने ससुराल से दो बच्चों के साथ आई तमन्ना
पाली शहर के टैगोर नगर में रहने वाली 30 साल की तमन्ना बताती है कि वह 06 साल की थी तब से मां के साथ अधिकमास परिक्रमा में आती थी। अब शादी हो गई ससुराल जोधपुर में है लेकिन परिक्रमा में आना अभी भी बहुत अच्छा लगता है। इसलिए जब भी परिक्रमा होती है मैं जरूर आती हूं। इस बार भी ससुराल से अपने दोनों बच्चों के साथ परिक्रमा में शामिल हुई। उसके साथ उसकी मां और पीहर पक्ष के 20-25 लोग है। इसी बहाने परिक्रमा में सभी के साथ रहने का मौका मिल जाता है। रिश्ते मजबूत होते है।

आज मेन्यू में बना हलुवा, आलू-मटर की सब्जी
कृषि मंडी में मंगलवार को श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी में सूजी का हलुआ, कोपता, आलू मटर टमाटर सब्जी और पुड़ी बनाई गई। 10 रुपए में हलुआ, 5 रुपए में कोपता, 10 रुपए में सब्जी-पुड़ी लेने के लिए यहां शहरवासी कूपन लेने से लेकर आइटम लेने के लिए लम्बी कतार में तेज गर्मी में भी खड़े नजर आए। कई शहरवासी घर से बर्तन लेकर आए और यहां से भोजन प्रसादी लेकर घर जाते नजर आए। कल परिक्रमा लाखोटिया उद्यान पहुंचेगी। जहां प्रसादी में नूकती, दाना मैथी सब्जी, कोपता, पुड़ी श्रद्धालुओं के लिए बनाई जाएगी।
परिक्रमा से जुड़े फोटो देखे



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