गौरक्षादल के सदस्यों ने करवाए 5 लाख 1 हजार हस्ताक्षर:रोहतक में प्रदर्शन कर डीसी को सौंपी पोटली, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे सरकार
रोहतक में गौरक्षा दल के सदस्यों ने साधु संतों के साथ मिलकर गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर शहर में विरोध प्रदर्शन किया। गौरक्षा दल के सदस्यों ने गाय को सम्मान दिलाने की मांग करते हुए 5 लाख एक हजार हस्ताक्षर करवाकर एक पोटली डीसी सचिन गुप्ता को सौंपी। गौरक्षा दल के जिलाध्यक्ष मेसा सीसर ने बताया कि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए पूरे देश के साधु समाज व गौभक्तों ने मिलकर अभियान चला रखा है। पहला प्रदर्शन ब्लॉक स्तर पर 27 अपैल को किया गया। आज 27 जुलाई को जिला स्तर और 27 अक्टूबर को राज्य स्तर पर चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया जाएगा। देश के प्रधानमंत्री से कर रहे मांग
मेसा सीसर ने कहा कि आज लोगों से गौमाता की रक्षा के लिए करवाए गए हस्ताक्षरों की एक पोटली डीसी को दी है। गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कर रहे है, क्योंकि देश का राजा तो प्रधानमंत्री ही होता है। आज सनातन धर्म को मानने वालों की सरकार है, इसलिए सरकार से मांग कर रहे है। मांग रखेंगे तभी सरकार ध्यान देगी
मेसा सीसर ने कहा कि बिना मांगे तो मां भी दूध नहीं देती। हम सरकार से मांग कर रहे है, तभी तो सरकार इस तरफ ध्यान देगी। अगली मांग चंडीगढ़ में सीएम व राज्यपाल से की जाएगी। इसके बाद जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर पीएम के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। भाजपा सरकार में भी गौमाता को सम्मान नहीं मिला तो टूटेगी आशा
मेसा सीसर ने कहा कि आज सनातनियों की सरकार है, इसलिए अभी नहीं तो कभी नहीं। अगर भाजपा सरकार में भी गौमाता को सम्मान नहीं दिलवा पाए तो फिर गौभक्तों की आशा ही टूट जाएगी। सभी गौभक्त चाहते हैं कि गौमाता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाएगा। पूरे देश में गौहत्या होनी चाहिए बंद
लावारिश पीड़ित पशु सेवा संघ के अध्यक्ष जगदीश मलिक ने कहा कि पूरे देश से गौहत्या बंद होनी चाहिए। गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। गाय को पशु मंत्रालय में न रखकर अलग से गौ मंत्रालय बनाना चाहिए। साथ ही सड़कों पर घूम रहे गौवंश को गौशालाओं तक पहुंचाना चाहिए। 3 माह में करवाए 5 लाख एक हजार हस्ताक्षर
जगदीश मलिक ने कहा कि तीन महीने के अंदर लोगों से 5 लाख एक हजार हस्ताक्षर करवाए गए है, जो गौमाता को सम्मान दिलवाना चाहते है। अभी तक गौशालाओं में सरकार की तरफ से प्रति पशु मात्र 10, 15 व 25 रुपए प्रतिदिन दिए जाते है, वो भी छह माह मिल रहे है। ग्रांट पूरे साल बढ़ाकर दी जानी चाहिए। साथ ही गौशालाओं में शेड बनवाए जाए।
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