ग्वालियर में ई-रिक्शाओं पर ट्रैफिक पुलिस का नया नियम:अब नीली-पीली पट्टी तय करेगी सड़क पर दौड़ने का समय, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

ग्वालियर में ई-रिक्शाओं पर ट्रैफिक पुलिस का नया नियम:अब नीली-पीली पट्टी तय करेगी सड़क पर दौड़ने का समय, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई




ग्वालियर शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए यातायात पुलिस ने मंगलवार से ई-रिक्शाओं के संचालन को लेकर नया और सख्त नियम लागू कर दिया है। अब शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा उनकी रंगीन पट्टी के हिसाब से तय समय पर ही दौड़ सकेंगे। यातायात पुलिस ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, शहर में लगातार बढ़ रही ई-रिक्शाओं की संख्या अब ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। ग्वालियर में इस समय करीब 3500 से 4000 ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, जिनमें नीली और पीली पट्टी वाले ई-रिक्शा शामिल हैं। इन्हीं की वजह से शहर के प्रमुख बाजारों, तंग गलियों और व्यस्त चौराहों पर आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। इतना ही नहीं, कई बार ओवरलोडिंग और लापरवाही के चलते ई-रिक्शा पलटने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें लोग घायल तक हो चुके हैं। तय समय पर निर्धारित पट्‌टी में चला सकेंगे इसी अव्यवस्था पर ब्रेक लगाने के लिए यातायात पुलिस ने नया टाइम स्लॉट लागू किया है। अब रात 3 बजे से दोपहर 3 बजे तक केवल नीली पट्टी वाले ई-रिक्शा ही शहर में संचालित होंगे, जबकि दोपहर 3 बजे से रात 3 बजे तक पीली पट्टी वाले ई-रिक्शा सड़कों पर उतरेंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे शहर में ई-रिक्शाओं का दबाव कम होगा और ट्रैफिक सुचारु रूप से चल सकेगा। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब ट्रैफिक पुलिस ने ऐसा प्रयोग किया हो। इससे पहले भी ई-रिक्शाओं के संचालन के समय में बदलाव किया गया था। शुरुआत में चालकों ने नियमों का पालन किया, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर मनमाने तरीके से ई-रिक्शा चलने लगे। यही वजह है कि इस बार पुलिस ने सख्ती का रुख अपनाया है। यातायात विभाग का कहना है कि शहर में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित तरीके से दौड़ रहे ई-रिक्शा आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे थे। कई ई-रिक्शा चालक बिना रूट, बिना समय और क्षमता से ज्यादा सवारी भरकर वाहन चला रहे थे। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा था।



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