नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नहीं नेशनल टॉर्चर एजेंसी बनी NTA:सीकर में SFI का आक्रोश मार्च,19 को शिक्षा मंत्रालय का घेराव करेंगे
नीट पेपरलीक के विरोध में आज सीकर में SFI (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया) के द्वारा आक्रोश मार्च निकाला गया। यह आक्रोश मार्च डाक बंगला परिसर से शुरू होकर नवलगढ़ पुलिया होते हुए सीएलसी चौराहे पर पहुंचा। आक्रोश मार्च के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की गई। अब SFI 19 को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय का घेराव करेगी। जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता तब तक स्टूडेंट्स वहीं बैठे रहेंगे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़ ने कहा कि जब से NTA का गठन हुआ है, तब से लेकर आज तक वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नहीं बल्कि नेशनल टॉर्चर एजेंसी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में 10 साल में NTA के 89 पेपरलीक हुए हैं। 46 बार दोबारा एग्जाम हुई। जिसकी जिम्मेदारी देश की सरकार और शिक्षा मंत्री ने नहीं ली। नीट का पेपर रद्द होने के बाद सीकर में प्रदीप मेघवाल और उमेश माली ने सुसाइड कर लिया। इन दोनों की मौत का जिम्मेदार देश की सरकार है। लेकिन शिक्षा मंत्री एक शब्द भी नहीं बोल रहे। आज सीकर में हमने आक्रोश मार्च निकालकर संदेश दिया है कि सीकर के स्टूडेंट्स किसी भी हाल में झुकेंगे नहीं। अब 19 जून को SFI दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय का घेराव करेगी। जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे तब तक वहीं पर बैठे रहेंगे।
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