सीएचसी फार्मासिस्ट का शव सरकारी घर में मिला:4 दिन से लापता थे, कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे, ऑनलाइन गेम भी खेलते थे
संभल जिले के चंदौसी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के एक सरकारी क्वार्टर में फार्मासिस्ट मोहन पाठक (50) का शव मिला है। वह पिछले चार दिनों से लापता थे। पड़ोसियों द्वारा बदबू आने की सूचना दिए जाने के बाद पुलिस को सूचित किया गया और शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मोहन पाठक नीरकोट, रानीखेत, उत्तराखंड के मूल निवासी थे। वह पिछले 20 सालों से चंदौसी सीएचसी में कार्यरत थे। वह 13 अप्रैल, सोमवार को अपनी ड्यूटी करने के बाद से लापता थे। परिवार के सदस्य उनकी तलाश कर रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे, मोहन पाठक के पड़ोसी ने चिकित्सा प्रभारी डॉ. हरविंदर चौधरी को क्वार्टर से बदबू आने की सूचना दी। डॉ. चौधरी ने तुरंत थाना प्रभारी अनुज कुमार को सूचित किया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सरकारी क्वार्टर का गेट तोड़कर अंदर दाखिल हुई, जहां फार्मासिस्ट मोहन पाठक मृत अवस्था में पाए गए। मोहन पाठक कैंसर से पीड़ित थे और उनके चार ऑपरेशन भी हो चुके थे। वह अपनी पत्नी हेमा पाठक के साथ चंदौसी के आवास-विकास क्षेत्र में अपने निजी मकान में रहते थे। उनके दो बेटे हैं, जिनमें से एक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है और दूसरा एमबीबीएस का छात्र है। परिवार में पत्नी और बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है। चिकित्सा प्रभारी डॉ. हरविंदर चौधरी ने बताया कि मोहन पाठक ने सोमवार को ड्यूटी की थी और मंगलवार से वह ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे। डॉ. चौधरी के अनुसार, मोहन पाठक एक ईमानदार और अच्छे व्यक्ति थे और उन्हें किसी ऐसी समस्या की जानकारी नहीं थी। फार्मासिस्ट पिछले 12 सालों से कैंसर की बीमारी से जूझ रहा था। ऑनलाइन गेमिंग की लत लगी हुई थी, इसकी वजह से 60-70 लाख रुपए का कर्जा हो गया था। इसी कर्ज से काफी परेशान थे। थाना प्रभारी अनुज तोमर ने बताया सरकारी अस्पताल के फार्मेसिस्ट मोहन पाठक का शव उनकी सरकारी क्वार्टर में मिला है। फिलहाल पोस्टमार्टम कराया जा रहा है रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई करेंगे।
Source link

