हड़ताल से ठप हुई सफाई व्यवस्था, पार्षदों ने संभाली कमान:बरगदही पूजा के लिए उठाई झाड़ू, बोले- अपनी लड़ाई लड़ें, पर श्रद्धालुओं के लिए सोचें
कानपुर शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब गलियों और मोहल्लों में साफ दिखाई देने लगा है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन बंद है और सड़कों पर झाड़ू भी नहीं लग रही। हालात ऐसे हैं कि हाउस टैक्स वसूली और जोन कार्यालयों का कामकाज भी प्रभावित हो गया है। इसी बीच शुक्रवार को होने वाली बरगदही (वट सावित्री) पूजा को देखते हुए भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित खुद समर्थकों के साथ सड़क पर उतर आए और सफाई अभियान चलाया। बरगद के पेड़ों के आसपास की सफाई नवीन पंडित ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उन स्थानों की सफाई कराई, जहां महिलाएं बरगद की पूजा करने पहुंचती हैं। उन्होंने झाड़ू लगाकर पेड़ों के आसपास फैला कूड़ा हटवाया, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान परेशानी न हो। इस दौरान रोहित शुक्ला, जसपाल भगत, रिंकू और मोहित शर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। वार्डों में कूड़े का अंबार, दफ्तरों में सन्नाटा हड़ताल के कारण शहर के कई वार्डों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। कर्मचारियों ने सफाई कार्य के साथ प्रशासनिक कामकाज का भी बहिष्कार कर दिया है। न तो टैक्स वसूली हो रही है और न ही जोन कार्यालयों में नियमित कामकाज चल रहा है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों से त्योहार को देखते हुए काम पर लौटने की अपील नवीन पंडित ने हड़ताली कर्मचारियों और उनके नेताओं से अपील करते हुए कहा कि अपनी मांगों के लिए संघर्ष करना उनका अधिकार है, लेकिन शहर की आस्था और त्योहारों का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कम से कम पूजा स्थलों पर सफाई व्यवस्था बनाए रखी जाए, ताकि महिलाओं को गंदगी के बीच पूजा न करनी पड़े। बीमारी फैलने का खतरा बढ़ा घर-घर से कूड़ा न उठने के कारण लोग सड़क किनारे कचरा फेंकने को मजबूर हैं। अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो शहर में गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल, पार्षदों की इस पहल को लोग सराह रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए नगर निगम और कर्मचारी यूनियन की वार्ता पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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