हिमाचल में BJP विधायक के चाचा-भाई का पुलिस रिमांड बढ़ा:नहीं मिली सीजेएम कोर्ट से राहत, हमीरपुर से सुजानपुर शिफ्ट दोनों आरोपी

हिमाचल में BJP विधायक के चाचा-भाई का पुलिस रिमांड बढ़ा:नहीं मिली सीजेएम कोर्ट से राहत, हमीरपुर से सुजानपुर शिफ्ट दोनों आरोपी




हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से भाजपा विधायक आशीष शर्मा के चाचा और भाई को अवैध खनन मामले में आज सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अदालत ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को हमीरपुर से सुजानपुर थाना शिफ्ट कर दिया गया है, जहां पुलिस रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ की जाएगी। यह मामला पहले से ही सुजानपुर थाने में दर्ज है। आरोपी उमेश कुमार और प्रवीण कुमार ने बीते दिन ही सीजेएम कोर्ट हमीरपुर में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। रिमांड अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने दोबारा कोर्ट में पेश कर आगे पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। मामला स्टोन क्रशर से जुड़े कथित अवैध खनन और रिकॉर्ड में अनियमितताओं से संबंधित है। इस केस में इससे पहले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों स्तरों पर जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे, जिसकी समयसीमा समाप्त होने के बाद उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया। क्या है मामला यह पूरा मामला स्टोन क्रशर संचालन में कथित अवैध खनन और दस्तावेजी गड़बड़ियों से जुड़ा है। जांच के दौरान पुलिस ने बीते वर्ष एसपी हमीरपुर के नेतृत्व में संबंधित क्रशर यूनिट पर छापेमारी की थी। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए थे, जिन्हें जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है। जांच और कार्रवाई इस मामले में कुल चार आरोपी शामिल हैं। दो आरोपियों को पहले ही सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल चुकी है, जबकि विधायक के चाचा और भाई की जमानत याचिकाएं लगातार खारिज होती रही हैं। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर नंबर 53/25, दिनांक 12 अगस्त 2025 के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले एएसपी हमीरपुर राजेश कुमार के नेतृत्व में महावीर स्टोन क्रशर पर छापेमारी की गई थी, जहां से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए थे। आशीष शर्मा ने बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में दिया था वोट बता दें कि दिसंबर 2022 में आशीष शर्मा निर्दलीय जीतकर हिमाचल विधानसभा पहुंचे थे। फरवरी 2024 में उन्होंने राज्यसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ वोट दिया। इसके बाद उन्होंने दो अन्य निर्दलीय विधायकों के साथ इस्तीफा दिया और बीजेपी जाइन की। मई 2024 में आशीष शर्मा ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीता। इसके बाद से आशीष शर्मा कांग्रेस सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई करने के आरोप लगाते रहे है। उन्होंने अवैध खनन का यह मामला हिमाचल विधानसभा में भी उठाया। बीजेपी भी इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध की भावना बता रही है।



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